मधुबनी। जिले में सदर अस्पताल सहित 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गैर संचारी रोग के मरीजों के इलाज के लिए गैर संचारी कितने की स्थापना की गई है इन एनसीडी क्लीनिक  में जिले के गैर संचारी रोग मरीजों को नि:शुल्क जांच उपचार व दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की योजना है. जिले में 4 लाख गैर संचारी रोग मरीजों के स्क्रीनिंग की योजना है लक्ष्य के विरुद्ध एक लाख मरीजों का एनसीडी (गैर संचारी ) क्लिनिक में स्क्रीनिंग किया गया है. विदित हो कि इसके लिए सरकार द्वारा सालाना बजट 7.50 लाख का बजट का भी प्रावधान किया गया  है जिसमें सदर अस्पताल के लिए एक लाख तथा प्रति सीएससी 50 हजार का बजट उपलब्ध कराया गया है स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 406207 लोगों को स्क्रीनिंग किया जाना है जिसके विरुद्ध अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक 1,01,220 मरीजों का स्क्रीनिंग किया जा चुका है.

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अलग से डॉक्टर व स्टाफ की होगी तैनाती:


 सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया एनसीडी क्लीनिक  में हृदय रोग विशेषज्ञ कार्डियो व मेडिसिन विशेषज्ञ को पदस्थापित करने की योजना है जहां विशेषज्ञ डॉक्टर पदस्थ नहीं है वहां के लिए अलग से अंकोलॉजिस्ट व कार्डियोलॉजिस्ट की भर्ती कर लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है नर्सिंग स्टाफ को भी अलग से ट्रेनिंग देकर पदस्थापित करने की योजना है कैंसर रोगियों के लिए कीमोथेरेपी व सिकाई के लिए दवा उपकरण और मशीन उपलब्ध कराकर जिला स्तर पर ही इलाज मुहैया कराया जाएगा. 


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सप्ताह में तीन दिन होता है विशेष कैंप का आयोजन :


सभी पीएचसी, एपीएचसी, एचएससी के कार्य क्षेत्र में सप्ताह मे तीन दिन  सोमवार, गुरुवार व शनिवार को कैंप का आयोजन होता है। कैंप के माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराये गये सी-बैक फार्म अंकित सूचनाओं का हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर व एएनएम के माध्यम से डिजिटाइजेशन किया जाता है। इसके उपरांत सभी संबंधित व्यक्तियों का संबंधित क्षेत्र के सीएचओ व एएनएम द्वारा उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर सहित अन्य रोगों की स्क्रीनिंग की जाती है । कैंप से संबंधित तमाम गतिविधियों का पर्यवेक्षण व अनुश्रवण कर इससे संबंधित प्रतिवेदन प्रभारी चिकित्सा प्रभारी के माध्यम से जिला स्वास्थ्य समिति व गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यालय को उपलब्ध कराया जाता है।


 क्या है एनसीडी क्लिनिक 


 सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार झा ने बताया नॉन कम्युनिकेबल डिजीज अर्थात गैर संचारी रोग संक्रामक नहीं है लेकिन इनके ग्रसित व्यक्तियों का यदि समय पर सही इलाज ना हो तो उसकी मौत भी हो सकती है ऐसे मरीजों को नि:शुल्क रूप से जांच उपचार व दवा प्रदान करने के लिए एनसीडी  क्लिनिक को स्थापित किया गया है यह किलनिक राष्ट्रीय गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित होता है गैर संचारी रोग के मरीजों के लिए केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त योजना है इसमें केंद्र व राज्य सरकार दोनों के द्वारा राशि मुहैया कराई जाती है


 क्या कहते हैं आंकड़े

 जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया एनसीडी कार्यक्रम के तहत पापुलेशन बेस्ट स्क्रीनिंग के आंकड़ों को देखा जाए तो अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक मधुबनी में 7,888 मरीज, झंझारपुर में 7,831, बेनीपट्टी में 7,426, राजनगर में 6,714, पंडोल  में 5,873, बाबूबरही में 5,464, बिस्फी में 5181, मधेपुर में 4940,खजौली में 4839, फुलपरास में 4443, लखनौर में 4433, लदनिया 4245, बासोपट्टी 4137, हरलाखी 4042, अंधराठाढ़ी 4026, हरलाखी 4042, लौकहा 3932, घोघरडीहा 3803, लौकही 3165, जयनगर 3038, मधवापुर 2925, कलुआही 2885 मरीजों का स्क्रीनिंग किया गया है।


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