बेनीपट्टी(मधुबनी)। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मवेशियों के ईयर टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य में विभाग के पदाधिकारी और दर्जनों कर्मी लक्ष्य को प्राप्त करने में जुटे हुए है। प्रथम चरण में भैस, गाय, बकरी और बैल का ईयर टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य प्रखंड के सभी पंचायतों में रोस्टर के अनुसार किया जा रहा है। भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुमन कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में मवेशियों का ईयर टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। साथ ही टैगिंग के साथ साथ भारत सरकार के विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण भी किया जा रहा है। 

बेनीपट्टी में एक लाख ईयर टैगिंग का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अब तक 30 हजार मवेशियों का टैगिंग कर लिया गया । 15 जनवरी 2021 तक लक्ष्य को पूर्ण कर लिया जाएगा। टीभीओ ने बताया कि ईयर टैगिंग एक तरह से मवेशियों का आधार कार्ड है। टैगिंग के दौरान मवेशियों के कान में बारह अंकों वाला एक टैक लगा दिया जाता है। जिसमें पशुपालक के संबंध में पूर्ण जानकारी रहतीं है। डा. कुमार ने बताया कि ईयर टैगिंग का लाभ मवेशी पालकों को होगा। 

आपदा के दौरान पशुओं की मृत्यु के बाद टैक के जरिये मवेशी पालकों की पहचान आसानी से हो सकेगी। साथ ही पहचान के बाद आपदा विभाग से मिलने वाली राहत सहज ही मिल सकेगा। इस कार्यक्रम में टीभीओ के नेतृत्व में टीकाकर्मी रंजीत कुमार पंडित, श्रवण कुमार यादव, अरूण कुमार यादव, उदय चंद्र यादव, संतोष पासवान, सूर्यमोहन पासवान, देवनारायण ठाकुर, सिकंदर यादव सहित अन्य कर्मी लगे हुए है।


आप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 8677954500 पर भेज सकते हैं... BNN न्यूज़ के व्हाट्स एप्प ग्रुप Join करें - Click Here




ई-मेल टाइप कर डेली न्यूज़ अपडेट पाएं

BNN के साथ विज्ञापन के लिए Click Here

Previous Post Next Post