आठ वर्षों से अधूरा है शाहपुर का सामुदायिक भवन, महादलितों ने जमा लिया कब्जा - BNN News

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24 Aug 2018

आठ वर्षों से अधूरा है शाहपुर का सामुदायिक भवन, महादलितों ने जमा लिया कब्जा

बेनीपट्टी(मधुबनी)। प्रखंड के शाहपुर पंचायत के विकास योजनाओं में भारी अनियमितता की गयी है। हालिया वर्षों में बिचौलियागिरी व अधिकारियों के मिलीभगत से कई योजनाओं को अपूर्ण छोड़ कर योजना को पूर्ण दिखा कर राशि निकासी कर लिए जाने के कारण कई योजनाएं आज भी धरातल पर दम तोड़ चुकी है। शाहपुर पंचायत में इंदिरा आवास से लेकर अन्य योजनाओं में व्यापक पैमाना पर अनियमितता की गयी है। आरटीआई कार्यकर्ता प्रभात सिंह, मैरिन चीफ इंजीनियर विनोद शंकर झा लड्डू आदि लोगों ने बताया कि पंचायत के विकास योजनाओं में अनियमितता में जनप्रतिनिधियों का भी संलिप्ता रही है। जिसके कारण आम लोग आवाज बुलंद नहीं कर पाए। शाहपुर पंचायत के वार्ड न0-05 में करीब आठ वर्ष पूर्व सामुदायिक भवन के लिए राशि विमुक्त की गयी थी। हालांकि, ग्रामीणों ने सामुदायिक भवन किस फंड से निर्मित हुआ, इसकी जानकारी तो नहीं दी, लेकिन सामुदायिक भवन की वर्तमान स्थिति इतनी बद्तर व जर्जर हो चुकी है कि सामुदायिक भवन आदमकाल में निर्मित होने की गवाही दे रहा है। वहीं आधे-अधूरे सामुदायिक भवन के निर्माण होने पर ग्रामीणों ने उस योजना के नाम पर पूर्ण राशि निकासी की जाने की बात कही। बताया कि इस भवन में भी जनप्रतिनिधियों ने अपने निजी स्वार्थ को पूरा करते हुए संबेदक से मिलीभगत कर अपूर्ण ही छोड़ दिया। सामुदायिक भवन का न तो पीलर के आगे दिवाल दी गयी न ही धरातल पर प्लास्टर किया गया है। वहीं पूरे दिवाल के किसी भी कोने पर प्लास्टर नहीं होने के कारण असमय ही भवन जर्जर हो गया। वहीं सामुदायिक भवन को अघोषित तौर पर कब्जे में लिए महादलित वर्ग के मनोज मल्ल्कि, सुभाष पासवान, रामसखी देवी, मंजू देवी व रेखा देवी ने बताया कि क्या करें, बीपीएल में होने के बाद भी इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला, एक टूटे हुए झोपड़ी में चार परिवार कैसे रह सकता है, इसलिए, इस भवन को कब्जा कर लिया। गौरतलब है कि शाहपुर पंचायत में लाखों-करोड़ों की योजनाएं अब तक पूर्ण नहीं हुई है। मसलन, जानकी विवाह व नाट्य भवन, बाढ़ शरण स्थली, कई आंगनबाड़ी केन्द्र के साथ महादलितों के कल्याण के लिए बनाए गए सामुदायिक भवन के अधूरे रहने से कई सवाल उठ रहे है। अब सवाल है कि राशि निकासी के बाद भी योजनाएं पूर्ण नहीं हुई तो किस आधार पर राशि निकासी कर ली गयी। राशि निकासी के मामलों को सत्य माने तो पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध ही नजर आ रही है। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि उक्त सामुदायिक भवन के संबंध में उन्हें न तो शिकायत मिली है, न ही उसके संबंध में कोई जानकारी है। जानकारी प्राप्त किए जाने के बाद ही उचित कार्रवाई की जा सकती है।

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