बेनीपट्टी(मधुबनी)। प्रखंड के उच्चैठ स्थित कालिदास विद्यापति साइंस कॉलेज परिसर में शनिवार को संस्थापक सह पूर्व सांसद स्व. भोगेंद्र झा के प्रतिमा का ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने अनावरण किया। अनावरण के बाद आयोजित समारोह के दौरान कुलपति, कुलसचिव, पूर्व विधान पार्षद सहित सभी आगत अतिथियों को मिथिला की रीति रिवाज के अनुसार पाग, दोपट्टे व फूल के माला से सम्मानित किया गया। इस दौरान कुलपति डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि जिसका जितना हृदय विशाल होता जायेगा वह उतना ही महान होता जाता है। ऐसे में से एक थे पूर्व सांसद स्व. भोगेंद्र झा. जिन्होंने वर्ष 1971 में ही इस महाविद्यालय की स्थापना कराई। इस सुदूर ग्रामीण इलाके में शिक्षा की व्यवस्था करने की परिकल्पना उनकी महानता दूरदर्शिता का प्रतीक है। वे महापुरुष थे।

लेकिन इस महाविद्यालय का समय के साथ जितनी प्रगति होनी चाहिए थी उतनी नही हुई। उन्होंने महाविद्यालय के प्रयास को लेकर कहा कि जितनी गति से आप चलेंगे उसकी दोगुनी गति से विश्वविद्यालय चलेगा। आप की गति तेज होनी चाहिए और विश्वविद्यालय और सरकार की गति के साथ होनी चाहिए। विश्वविद्यालय आपके साथ है, जो समेटना चाहते हैं समेट लें। कुलपति ने महाविद्यालय के प्राध्यापकों से कहा कि कॉलेज में बच्चों का भविष्य निर्भर होता है। इसलिए आप जितना संसाधन है, बच्चों को उससे दोगुने देने का प्रयास कीजिये। अधकचरा और आधा ज्ञान कोई काम का नही होता। जिसकी इच्छा पूरी नही होगी वो तो आरोप लगाएंगे, जब आप कर्म करेंगे तो आरोप तो लगेगा ही। वहीं कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि पूर्व सांसद स्व. झा समाज के प्रणेता थे। अंतिम सांस तक वे सामाजिक सरोकार से जुड़े रहे। जबकि पूर्व विधान पार्षद डॉ. दिलीप चौधरी ने कहा कि जब भी कभी किसानों की कोई बड़ी समस्या होती थी तो देश के पूर्व पीएम स्व. श्रीमति इंदिरा गांधी भी भोगेंद्र बाबू को याद करतीं थीं। भोगेंद्र बाबू व नीलांबर चौधरी दोनों एक दूसरे के पूरक थे और दोनों का ही शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि 1980 में इस महाविद्यालय को अंगीभूत डॉ. जगन्नाथ मिश्रा की सरकार ने किया था। इससे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार झा ने कहा कि भोगेंद्र बाबू 5 बार सांसद रहे और इस कॉलेज के संस्थापक रहे। यह उनका वरदान स्वरूप कॉलेज है। उनके प्रतिमा का अनावरण कराने का हमें सौभाग्य मिला। 

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उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय 40 किलोमीटर दूर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के परिधि को कवर करता है। इस महाविद्यालय में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लड़कियों की संख्या अधिक है।  71 फीसदी लड़कियां अध्ययनरत है। उन्होंने वाणिज्य व गृह विज्ञान की  पढ़ाई कराने की मांग वीसी से की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रमुख नित्यानंद झा ने की, जबकि संचालन श्याम कुमार झा ने किया. कार्यक्रम को विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैधनाथ चौधरी बैजू सहित अन्य ने भी संबोधित कर स्व. झा के व्यक्तित्व व कृतित्व पर व्यापक प्रकाश डाला। मौके पर पूर्व प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार चौधरी, विश्वनाथ झा, मंगलानंद मिश्र, प्रो. योगानंद झा, भाकपा के जिला मंत्री मिथिलेश झा, अंचल मंत्री आनंद झा, मनोज मिश्र,  नारायण जी झा, दुर्गानंद झा, कृपानंद झा आज़ाद, प्रो. दिगंबर ठाकुर, डॉ. अमर कुमार, देवचंद्र झा लालजी, डॉ, अभिषेक शेखर वरुण चौधरी, सत्यम झा, दिलीप पाठक, अरुण कुमार ठाकुर, रविंद्र झा, शैलेंद्र सिंह, डॉ. श्याम कुमार ठाकुर, कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री विनय कुमार झा व मो. जमाल सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।


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