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बेनीपट्टी के पूर्व विधायक शालिग्राम यादव का हुआ निधन, पटना में ली अंतिम सांस


अभी-अभी बड़ी खबर सामने आ रही है. बेनीपट्टी विधानसभा के पूर्व विधायक शालिग्राम यादव का निधन हो गया है. शालिग्राम यादव ने राजधानी पटना में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली है. जानकारी के अनुसार काफी दिनों से वह बीमार चल रहे थे.


बता दें कि शालिग्राम यादव लोमा गांव के रहने वाले थे. 1995 में वह पहली बार बेनीपट्टी विधानसभा से निर्दलीय विधायक निर्वाचित हुए थे. जिसमें उन्होंने जनता दल के रामाशीष यादव को हराकर विजयी हासिल की थी. इस चुनाव में शालिग्राम यादव को 35517 वोट जबकि जनता दल के रामाशीष यादव को 28662 वोट मिले थे. कांग्रेस के उम्मीदवार युगेश्वर झा 21333 वोट लाकर तीसरे स्थान पर थे. इससे पहले 1990 में शालिग्राम यादव जनता दल से उम्मीदवार बनाये गये थे, जिसमें कांग्रेस के युगेश्वर झा ने उनको शिकस्त दी थी.


शुरुवाती दौर में 1980 में शालिग्राम यादव जनता पार्टी सेक्युलर चौधरी चरण सिंह खेमे से बेनीपट्टी सीट से उम्मीदवार बनाये गये थे. जिसमें वह 22471 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. इस चुनाव में कांग्रेस के युगेश्वर झा ने जीत हासिल की थी. युगेश्वर झा को 29186 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर सीपीआई के तेज नारायण झा रहे थे, जिन्हें 24646 वोट मिले थे.


वहीं आगे चलकर 2000 के चुनाव के समय शालिग्राम यादव राजद में शामिल हो गये, लेकिन उन्हें जदयू के उम्मीदवार रामाशीष यादव से हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में जदयू के टिकट पर मैदान में आये रामाशीष यादव को 37476 वोट मिले थे जबकि राजद से मैदान में उतरे शालिग्राम यादव को 27781 वोट मिले थे.


2005 के विधानसभा चुनाव में शालिग्राम यादव फिर से निर्दलीय मैदान में आये. लेकिन यहां भी उनको हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में उन्हें 22529 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार युगेश्वर झा को 31672 वोट मिले थे. शालिग्राम यादव इस चुनाव में दूसरे नंबर पर थे.


इस वर्ष राजनितिक उठापटक के बीच विधानसभा चुनाव फिर से हुए थे. 2005 में दूसरी बार हुए चुनाव में जदयू ने इन पर भरोसा जताया और टिकट दिया. जिसके परिणाम में शालिग्राम यादव ने कांग्रेस के उम्मीदवार युगेश्वर झा को हराकार बेनीपट्टी विधानसभा से दूसरी बार जीत हासिल की.


2010 के चुनाव में बेनीपट्टी सीट एनडीए गठबंधन के तहत बीजेपी के खेमे में चली गई, जिसके बाद हरलाखी से शालिग्राम यादव को जदयू का उम्मीदवार बनाया गया. जिसमें शालिग्राम यादव ने सीपीआई के रामनरेश पांडेय को शिकस्त देते हुए जीत हासिल की और हरलाखी विधानसभा से विधायक बनें.


2015 के विधानसभा चुनाव में शालिग्राम यादव जदयू से टिकट की आस में थे, लेकिन किसी ने उन्हें तरजीह नहीं दी. जिसके बाद वह बगावत करते हुए समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में उतर गये. हालांकि उन्हें इस चुनाव में 1474 वोट यानी कुल मतदान का 1.02% ही वोट मिला.


2015 के विधानसभा चुनाव में  रालोसपा के बंसत कुमार कुशवाहा ने 40468 वोट लाकर जीत हासिल की थी. शालिग्राम यादव 18 उम्मीदवार में 1474 वोट लाकर 11वें स्थान पर थे. जबकि 5 साल पहले 2010 की चुनाव में शालिग्राम यादव ने हरलाखी सीट से 30,281 वोट लाकर जीत हासिल की थी.


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