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नगर पंचायत बनने के बाद किसानों को होगा भारी नुकसान, छोटी दुकानों को भी देना होगा टैक्स


बेनीपट्टी को नगर पंचायत बनाये जाने के बाद इसके फायदे व नुकसान पर चर्चा शुरू हो गई है। नगर पंचायत बेनीपट्टी में पांच पंचायत के 10 गांवों को शामिल किया गया है जिनमें बेनीपट्टी एवं बेहटा  पंचायत पूर्ण, जबकि कटैया, बनकट्टा और बेतौना पंचायत को आंशिक रूप से शामिल किया गया है

जिन दस गांवों को नगर पंचायत में शामिल किया है उनमें बेनीपट्टी, बेहटा, जगत, एराजी जगत, बनकट्टा, उड़ेन, उच्चैठ, एराजी उच्चैठ व कछड़ा गांव शामिल है। नगर पंचायत के नियम व प्रावधान के अनुसार नगर पंचायत क्षेत्र में आने वाले पंचायत व गांवों के 50 फीसदी आबादी ही खेती से जुड़ी होती है इस आधार पर इन क्षेत्रों में ग्रामीण विकास योजनाएं लागू नहीं होती है। जबकि वास्तविकता है कि शहर के किनारे बसे बेनीपट्टी व बेहटा क्षेत्र के आबादी के अलावे एराजी जगत, बनकट्टा, उड़ेन, उच्चैठ, एराजी उच्चैठ व कछड़ा गांव में अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। जिसके कारण इस क्षेत्र के लोगों को नगर पंचायत होने का नुकसान उठाना पड़ेगा 

बेनीपट्टी के नगर पंचायत बनाए जाने से नुकसान की बात करें तो इससे सबसे अधिक किसान प्रभावित होंगे। जिसकी वजह प्रावधानों के अनुसार यह है कि नगर पंचायत के क्षेत्र में शहरी योजनाएं ही लागू होती है।

किसानों को ग्रामीण क्षेत्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाले फायदे खत्म हो जायेंगे। जिसमें कृषि सम्बंधी योजनाएं अधिक प्रभावित होंगी, जैसे कि किसानों की अनाज की खरीददारी, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि यंत्र पर मिलने वाली सब्सिडी, फसल क्षति पर मिलने वाली लाभ नहीं मिल सकेगा।

नगर पंचायत के गठन के बाद होल्डिंग टैक्स के अलावे जिससे लोग प्रभावित होंगे वह होगा ट्रेड टैक्स, जिसके तहत नगर पंचायत क्षेत्र में सभी छोटे बड़े दुकानों को टैक्स देना होगा। प्रावधान के अनुसार जहां छोटी दुकानों पर 500 से 700 तक टैक्स वसूला जाएगा, वहीं बड़ी दुकानें, मॉल इत्यादि को 5000 से 6000 शुल्क देना होता है। इसके अलावे क्षेत्र में जो भी दुकानें खोली जायेंगी, उसके लिए नगर पंचायत से अनुमति लेनी होगी।

नगर पंचायत क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नक्शा पास करवाना होगा। नियमानुसार 3 मंजिल से अधिक ईमारत/घर का निर्माण नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए भी अनुमति लेनी होगी। नगर पंचायत में नियमानुसार छोटी शहरों में सामान्यतः 11 मीटर तक की उंचाई से अधिक मकान नहीं बनाया जा सकता है।

वहीं फायदे की बात करें तो सरकार शहर के तौर पर क्षेत्र को विकसित करने के लिए फंड आवंटित करेगी। जिसमें मुख्य तौर पर नगर का विकास करने के लिए अलग से सेटअप होगा। इसमें पार्षदों व अध्यक्ष के मुताबिक विकास के काम होंगे। शहर की साफ़ सफाई, सड़कों का चौड़ीकरण होगा, हर घर में नल और शौचालय होंगे। मूलभूत सुविधाओं के लिए लोगों को भटकना नहीं पड़ेगा। हाट-बाजार बनेंगे, बस स्टॉप और बस स्टैंड, विवाह भवन, शमशान, खेल का मैदान बनेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। दुकानों का निर्माण होगा। नगर साफ और स्वच्छ रहेगा। शहरी परिवेश में बच्चों का विकास होगा।

पांच पंचायत के लोगों को अब शहरों जैसी सारी सुविधाएं मिलेंगी। खासकर नगर पंचायत के अस्तित्व में आने से नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज सिस्टम, पार्क व सामुदायिक, मशीनों के माध्यम से क्षेत्र की की साफ सफाई सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इससे इन क्षेत्रों में रहने वाली बड़ी आबादी को शहर जैसे वातावरण में रहने की सुविधाएं मिलेंगी।

बेनीपट्टी नगर पंचायत


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