Ticker

6/recent/ticker-posts

तीन दशक से दम तोड़ रहा विधायक के गांव का प्लस टू हाई स्कूल

बेनीपट्टी(मधुबनी)। सरकार की गलत शिक्षा नीति, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता  एवं विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की परिकल्पना आजादी के सात दशक बाद भी प्लस टू हाई स्कूल उतरा में साकार होता नहीं दिख रहा है। 498 छात्र बल से लैस यह स्कूल पिछले तीन दशक से भवन, शिक्षक व उपस्कर के अभाव से गुजर रहा है। जबकि,छात्रों की इन संख्या में 294 में छात्राएं शामिल है। सुदूर देहाती क्षेत्र में एसएच 75 किनारे स्थापित इस स्कूल की बदहाली राहगीरों को कई सवालों के घेरे में खड़ी कर देती है। चालू सत्र में 498 छात्रों के बैठकर पढ़ने के लिए यहां सिर्फ दो वर्ग कक्ष हैं। स्थापनाकालीन पुराने खपरैल भवन वर्षों पहले जर्जर हो चुके हैं। इस भवन में बच्चों को बैठाना खतरे से खेलने जैसा है। जबकि,इन सैकड़ों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रभारी एचएम सहित सिर्फ तीन नियोजित शिक्षक कार्यरत हैं। जिनमें, विज्ञान, समाजिक विज्ञान एवं मैथिली के एक एक शिक्षक शामिल हैं। जबकि, गणित, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, भूगोल,जैसे महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई यहां नहीं होती है। इन विषयों की पढ़ाई के लिए यहां नामांकित विद्यालय के  छात्रों को निजी कोचिंग पर निर्भर होना पड़ता है। इन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 14 सेक्शन बनाए गए हैं। लेकिन,ये सेक्शन चलेंगे कहां और पढ़ाएंगे कौन इसके लिए न तो छात्र अनुपात शिक्षक हैं और ना आवश्यकतानुसार वर्ग कक्ष।
             स्कूल के पांच सौ छात्रों के लिए महज तीन शिक्षक
शिक्षा का अधिकार अधीनियम 2010 के अनुसार विद्यालय में नामांकित 498 छात्रों के लिए 17 शिक्षकों की जरूरत है। जबकि,कार्यरत सिर्फ तीन हैं। जो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए चिंताजनक है। यह हालत जब सत्ताधारी दल के क्षेत्रीय विधायक सुधांशु शेखर के पैतृक गांव उतरा के प्लस टू हाई स्कूल की है तो प्रखंड क्षेत्र के अन्य उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का क्या हाल होगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। हालांकि, विधायक शेखर ने अपने ऐच्छिक कोष से यहां दो कमरे का निर्माण करवाकर भवन की समस्या से स्कूल को उबारने की कोशिश की है। लेकिन, छात्र बल के अनुसार यह “ऊंट के मुंह मे जीरा का फोरन“ वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। यदि अपने कार्यकाल के शेष बचे वर्षों में इनके द्वारा और कमरे दिए जाते हैं तो भी शिक्षकों की समस्या जस की तस बनी रहेगी।
प्रभारी एचएम बलराम पासवान ने बताया कि स्कूल की मौलिक समस्याओं से सभी विभागीय अधिकारी को अवगत करा दिया गया है। फिलहाल विधायक ऐच्छिक कोष से बने दो कमरे के भवन में ही पदस्थापित शिक्षक के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।


आप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 8677954500 पर भेज सकते हैं... BNN न्यूज़ के व्हाट्स एप्प ग्रुप Join करें - Click Here

Post a Comment

0 Comments