कल्पना प्रधान ने अपनी शिक्षा की शुरुआत कक्षा छह से शास्त्री, देहरादून से की। इसके बाद उन्होंने आचार्य एवं एमए की शिक्षा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार से संस्कृत विषय में पूरी की। उन्होंने अथर्ववेद में पीएचडी की उपाधि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से प्राप्त की है। इसके बाद जून 2026 में उन्होंने UGC NET परीक्षा में सफलता हासिल की है।
कल्पना प्रधान का कहना है कि वह संस्कृत, वेद एवं वैदिक परंपराओं के अध्ययन-अध्यापन को आगे बढ़ाना चाहती हैं। उनका विशेष जुड़ाव वैदिक भजन, सत्संग, प्रवचन, हवन, नित्य कर्म तथा संस्कृत एवं वेदों के अध्ययन से है। उनका मानना है कि ये परंपराएं मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक एवं विद्वत परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि मिथिला सदियों से विद्वानों और ज्ञान की धरती रही है। यहां की संस्कृत एवं वैदिक परंपरा को आगे बढ़ाना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनका उद्देश्य है। कल्पना प्रधान की इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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