मोदी सरकार ने अपने 8 वर्षों के कार्यकाल में खेती-किसानी को लाभप्रद बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि सुधार के मामले में पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में कई ऐसे ऐतिहासिक काम किये हैं, जिससे बीज से बाजार तक कृषि क्षेत्र का विकास हुआ है. उनके सामने तमाम चुनौतियां आईं, लेकिन वे टकराव की जगह किसान कल्याण को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ते रहे. उन्होंने कृषि क्षेत्र में ‘रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म एंड परफॉर्म’ का जो मंत्र अपनाया है, उस पर अडिग रहते हुए वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं. इसी का नतीजा है कि इन वर्षों में किसानों की आय में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यस्था को भी बल मिला है, उक्त बातें भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नेहा झा ने कही.

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सरकार द्वारा किये गये कामों को गिनाते हुए नेहा झा ने कहा कि इन वर्षों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और उचित मूल्य दिलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. कृषि लागत को कम करने के लिए बीजों, खादों, कृषि उपकरणों, सिंचाई एवं सोलर पंपों पर सब्सिडी दी जा रही है. खेती की लागत को कम करने के लिए लगातार जीरो बजटिंग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. स्वायल हेल्थ कार्ड योजना से जरूरत के हिसाब से खाद इस्तेमाल करने से खाद पर होने वाले खर्च में कमी आयी है तथा साथ ही कृषि उपजों के निर्यात में वृद्धि कर किसानों की आय में बढ़ोतरी के प्रयास किए जा रहे हैं. इसके अलावा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को भी मिशन मोड में बढ़ावा दिया जा रहा है.

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आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा कि याद करें तो 2013 में किसान परिवारों की आय 6426 रुपये थी, जो 2019 में 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 10,218 रुपये हो गई. वर्ष 2013 में कृषि से कमाई करने वाले परिवारों की संख्या 54 प्रतिशत थी, जो 2019 में बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई. फसल उत्पादन से आय में 2013 से 2019 के बीच 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई वहीं पशुपालन से आय में 34 प्रतिशत तक वृद्धि हुई. 

भाजपा प्रदेश नेत्री ने  कहा कि मोदी सरकार ने गरीब किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और दूसरों पर निर्भरता खत्म करने के लिए ‘किसान सम्मान निधि’ योजना की शुरुआत की जिसके तहत 6000 रु का आर्थिक लाभ सीधे आम किसानों को मिलता है. अब तक इस योजना के तहत दस किस्तों में कुल 1.80 लाख करोड़ रुपये 11.90 करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे जा चुके हैं.

इसी तरह फसल बीमा योजना से 11.43 करोड़ किसान जुड़े हैं. इसके तहत 2016 से अब तक किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक क्लेम मिल चुका है. 12 सितंबर, 2019 को पीएम किसान मानधन योजना शुरू की गई, जिसके तहत किसानों को प्रति माह 3,000 रुपये पेंशन की सुविधा दिए जाने का प्रावधान है.


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