बेनीपट्टी(मधुबनी)। स्वास्थ्य विभाग के जांच टीम के चिन्ह्ति किए जाने के बाद भी फर्जी नर्सिंग होम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जांच टीम के द्वारा पूरी रिपोर्ट चिकित्सा पदाधिकारी को करीब एक माह पूर्व सौंप दी गई है। चिन्ह्ति फर्जी नर्सिंग होम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से फर्जी नर्सिंग होम के खुलने की होड़ मच गई है। करीब-करीब हर महीने एक न एक नर्सिंग होम खुल रहे है। खासकर, अंबेडकर चौक से लेकर अनुमंडल मुख्यालय के समीप कई नर्सिंग होम संचालित हो रहे है। जहां सूत्रों की माने तो सभी नर्सिंग होम में बिना चिकित्सक के झोलाछाप कथित चिकित्सक के द्वारा सिजेरियन का गंदा खेल किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को मोटी कमीशन पर गांव के दलाल ले आते है। फिर, सामान्य रुप से गर्भवती महिलाओं को खौफ व सेटिंग कर पैसे के लालच में सिजेरियन कर दिया जाता है। सूत्रों ने बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन कर डिलेवरी कराने के एवज में नर्सिंग होम के संचालक महिला के परिजनों से मोटी कमाई करते है। बताया जा रहा है कि एक सिजेरियन पर नर्सिंग होम के द्वारा तीस से चालीस हजार रुपये लिए जाते है।
                परिवाद दायर के बाद खुला नर्सिंग होम का पोल
बेनीपट्टी में स्वास्थ्य विभाग के नाक के नीचे चल रहे अवैध नर्सिंग होम की पोल उस वक्त खुल गई, जब बेनीपट्टी के बुद्धिनाथ झा ने अनुमंडल लोक शिकायत निवारण में वाद दायर की। परिवाद पर पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को जांच कर अवैध नर्सिंग होम की जानकारी देने का निर्देश दिया। चिकित्सा पदाधिकारी के स्तर से जांच टीम बना कर जांच करने का निर्देश डॉ अमित कुमार व देवभूषण को दिया गया। जो जांच के उपरांत करीब 19 फर्जी नर्सिंग होम की शिनाख्त की। उधर, परिवाद के सुनवाई में फरियादी ने कटैया के लाईफ केयर नर्सिंग होम की पुनः जांच करने को कहा। परिवाद दायर किए बुद्धिनाथ झा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के मिलीभगत से फर्जी नर्सिंग होम का काम चल रहा है। श्री झा ने कटैया रोड में संचालित नर्सिंग होम को पुनः जांच करने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही जांच कर सभी फर्जी नर्सिंग होम को सील कराने के लिए पहल की जाएगी।
 


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