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बलिया में खुल रही विकास की पोल, चचरी बना सहारा

 


बेनीपट्टी(मधुबनी)। सूबे की सरकार और जनप्रतिनिधि भले ही विकास के लाख दावे कर लें, मगर सच्चाई यही है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र अब भी विकास से कोसों दूर है। बात, गंगुली पंचायत के बलिया गांव की है, जहां आज भी सड़क नही रहने के कारण हजारों की आबादी चचरी पुल के सहारे आवाजाही करने को विवश हैं। विकास की ढोल पिटने वाली सरकार और जनप्रतिनिधि का भी ग्रामीण इलाकों की स्थिति की ओर ध्यान नही जा रहा। दरअसल बलिया गांव का वार्ड 13, 14 और 15 तालाब के समीप स्थित है। जिस वजह से ग्रामीणों को सड़क नही रहने के कारण चचरी के सहारे समय काटना पड़ रहा है। दो दशक से प्रत्येक वर्ष चचरी पुल बनाकर लोग आवागमन करने को मजबूर है। सांसद, विधायक, एमएलसी और स्थानीय प्रतिनिधि मूकदर्शक बने हुए है। यें सभी सड़क निर्माण की दिशा में पहल करना तो दूर, सुधि लेना भी मुनासिब नही समझ रहे हैं। जिसके कारण  ग्रामीणों में आक्रोश गहराने लगा है। बलिया वार्ड 13, 14 और 15 के ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के बाद भी यह गांव विकास की किरण से भी दूर है। चचरी पुल हम लोगों के जिंदगी का महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है। दर्जनों बार सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि के समक्ष इस मुददे को रखा गया, लेकिन आज तक कोई इस स्थान पर सड़क निर्माण के लिए पहल करना भी आवश्यक नही समझें।



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