चार पीडीएस दुकान के बाद भी राशन के लिए चार किमी से लाते है खाद्यान्न - BNN News

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17 Sep 2018

चार पीडीएस दुकान के बाद भी राशन के लिए चार किमी से लाते है खाद्यान्न

बेनीपट्टी(मधुबनी)। उपभोक्ताओं को सुगमतापूर्वक खाद्यान्न वितरण के लिए विभागीय प्रयास के बाद भी उपभोक्ताओं की परेशानी कम नहीं हो रही है। प्रखंड के परसौना पंचायत के लाभुकों को इस कदर छिन्न-भिन्न कर दिया गया है कि गांव में पीडीएस दुकान संचालन के बाद भी उपभोक्ताओं को चार किमी की दूरी नाप कर खाद्यान्न व किरासन लेने जाना पड़ रहा है। पूरे पंचायत के उपभोक्ताओं को गांव के बजाय दूसरे गांव से खाद्यान्न लेना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को राशन के लिए काफी जद्दोजहद झेलना पड़ जाता है। चार से तीन किमी की दूरी आवाजाही करने के बाद अगर डीलर की दुकान बंद पाई गई तो उपभोक्ताओं की समस्या को दोगुनी कर देती है। जायजा के क्रम में दर्जनों उपभोक्ताओं ने बताया कि डीलर अपने मनमानी से बाज़ ही नहीं आ रहा है। कब दुकान बंद कर काफूर हो जाता है, कहना मुश्किल है। वही कम वजन कर खाद्यान्न देना तो आम बात हो गयी है। उपभोक्ताओं की माने तो हर उपभोक्ताओं के गांव में ही दुकान का संचालन जब हो रहा है तो फिर दूसरे गांव के डीलर के दुकान से क्यों टैग कर दिया गया? उपभोक्ताओं का शिकायत कुछ हद तक सही था। गौरतलब है कि परसौना पंचायत के मधवापट्टी गांव पूर्णरूपेण मुस्लिम बहुल इलाका है। गांव में वर्षो पूर्व से ही दो दुकान का संचालन हो रहा है। हालांकि, जायजा के क्रम में दोनों डीलर के दुकान पर ताला लटका हुआ पाया गया। पीडीएस विक्रेता अजीमुद्दीन के दुकान की सूरत तो ऐसी थी कि मानो ये सरकारी दुकान ही न हो, बल्कि किसी का दालान हो। न तो दुकान पर कोई बोर्ड ही लटका हुआ था, न ही दुकान पर कोई व्यक्ति था। परंतु ग्रामीण इसको पीडीएस दुकान बता रहे थे। इस दुकान से कुछ ही दूरी आगे कलीमुद्दीन का दुकान संचालित था। पीडीएस विक्रेता नदारत थे, उनके दुकान के आगे एक अनजान व्यक्ति दुकान को घेरे सोया हुआ था। वही बोर्ड अद्यतन तो दूर बोर्ड पर कुछ लिखा ही नहीं था। जिससे स्पष्ट है कि दुकानदार उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए बोर्ड पर आवंटन तक को प्रदर्शित नहीं कर रहा है। बता दे कि उक्त गांव में दो दुकान के संचालन के बाद भी उपभोक्ताओं को करीब चार किमी की दूरी नाप कर हनुमान चौक से कुछ ही दूरी पर अवस्थित पैक्स के दुकान से खाद्यान्न ले जाना पड़ रहा है। जो उपभोक्ताओं के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं है। उपभोक्ताओं ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी बारिश अथवा गर्मी के मौसम में होता है। वही जरैल के उपभोक्ताओं को उल्टे मधवापट्टी जाकर खाद्यान्न लेना पड़ रहा है। जो करीब दो किमी की दूरी पर है। हालांकि, गांव में भी पवन कुमार झा की पीडीएस की दुकान है। पैक्स अध्यक्ष सिदार्थ शंकर झा ने बताया कि ये सिस्टम उनके पैक्स निर्वाचन से पूर्व ही बनाया गया था। उन्होंने भी उपभोक्ताओं की परेशानी की बात को मानते हुए कहा कि, इसमें वे लोग क्या कर सकते है। अपने दुकान पर राशन का वितरण कर किरासन वितरण के लिए दुकान पर बैठे पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि उनके दुकान को 1685 यूनिट पीएचएच के तहत 50 क्विंटल 55 किलो चावल, 33 क्विंटल 70 किलो गेंहू का आवंटन किया जाता है। वही अंत्योदय के 65 कार्ड के लिए 13 क्विंटल 65 किलो चावल व 9 क्विंटल 10 किलो गेंहू का आवंटन किया जाता है। पैक्स अध्यक्ष ने बताया कि सितंबर का उठाव नहीं किया गया है। उठाव होने के बाद उपभोक्ताओं को जानकारी देकर वितरण करा दी जाती है।

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