बेनीपट्टी(मधुबनी)। जल संसाधन विभाग के अधीन पश्चिमी कोशी नहर के जीर्णोद्धार के नाम पर दर्जनों पेड़-पौधों को काट दिया गया है। मामला, बेनीपट्टी के नवटोली का है। जहां इनदिनों पश्चिमी कोशी नहर के जीर्णोद्धार का काम तीव्र गति से किया जा रहा है। पेड़ को बिना नोटिस काट देने से कथित भूस्वामियों में विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।

1

लोगों ने बताया कि एक तरफ बिहार सरकार जल जीवन हरियाली को प्रचार-प्रसार कर रही है। वही, जीर्णोद्धार के नाम पर हरे-हरे वृक्ष को काट दिया गया। जबकि, विभाग के द्वारा उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। नवटोली के भोगेन्द्र झा ने बताया कि गत दस वर्ष पूर्व विभाग के द्वारा उनके आवासीय भूखंड को अधिग्रहण किया गया। अधिग्रहण की जानकारी उन्हें काफी देर से मिली। उन्होंने विरोध स्वरूप मुआवजा के राशि का उठाव भी नहीं किया।

2

उन्होंने बताया कि जमीन के किस्म को बेनीपट्टी अंचल ने भी आवासीय माना है। जबकि, उन्हें मुआवजा की राशि काफी कम दी जा रही है। राशि का उठाव भी नहीं किये और विभाग ने उक्त जमीन को अधिग्रहण कर लिया। उन्होंने विभाग के कार्यप्रणाली पर नाराजगी प्रकट करते हुए विभागीय मंत्री से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

उधर, जल संसाधन विभाग के अधिकारी मो. आरिफ ने बताया कि ये भूखंड को दस वर्ष पूर्व ही पूरे नियम के अनुसार अधिग्रहण कर लिया गया है। भोगेन्द्र झा ने सही में राशि का उठाव नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी कोशी नहर के जीर्णोद्धार के लिए काफी दवाब है। हर हाल में जल्द से जल्द कार्य कर लेना है। वे लोग इस मामले में कुछ नहीं कर सकते है।


आप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 8677954500 पर भेज सकते हैं... BNN न्यूज़ के व्हाट्स एप्प ग्रुप Join करें - Click Here





Previous Post Next Post