बेनीपट्टी(मधुबनी)। बेनीपट्टी प्रखंड के तीन पंचायत फिलहाल बाढ़ के पानी से घिरते नजर आ रहे है। अधवारा समूह के सहायक नदियों का जलस्तर अभी भी तेजी से बढ़ रहा है। बेनीपट्टी के बर्री, शाहपुर व करहारा पंचायत प्रभावित होने लगी है। बर्री के नवगाछी  के लोग आवाजाही के लिए नाव के सहारे रह गए है तो वही, शाहपुर के हथियरबा गांव का मुख्य सड़क जलमग्न हो गया है। जहां नाव के अलावे दूसरा कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में अंचलाधिकारी के द्वारा अब तक सरकारी नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। लोग निजी नाव से किराया देकर आवाजाही करने को मजबूर है।


गुरुवार को पीडीएस दुकान शिवनगर से सरकारी राशन का उठाव कर घर जा रहे महिलाओं ने बताया कि अनाज के मूल्य से अधिक किराया लग रहा है।  गांव से नाव पर सवार होकर मुख्य सड़क पर आने में बीस रुपये फिर यहां से ऑटो पकड़ कर शिवनगर जाने में एक सौ रुपये, पुनः वापसी में रुपये किराया के तौर पर देना पड़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि नजदीक कोई पीडीएस दुकान नहीं है। वही सरकारी नाव नहीं होने के कारण आर्थिक बोझ पड़ रहा है। क्योंकि, कुछ भी समान खरीदने के लिए गांव से बाहर आना पड़ जाता है।


बता दे कि उक्त गांव में करीब एक सौ घर शाहपुर व एक सौ परिवार करहारा पंचायत के अंतर्गत है। जहां मुख्य सड़क से गांव में जाने के लिए आज के युग में भी पगडंडी से होकर आवाजाही करना पड़ रहा है। जबकि, हर लोकतंत्र के महापर्व में यहां के लोगों की सहभागिता बढ़ चढ़ कर होती रही है।


गांव से मुख्य सड़क तक आने में अधवारा समूह की नदियां गुजरती है। जिससे ओवरफ्लो होते ही हथियरबा गांव की आवाजाही ठप होकर पूरी तरह नाव पर अटक जाता है। ऐसे में गांव पूरी तरह से पानी से घिरा रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि साल के आठ महीने वे लोग पानी से घिरे हुए रहते है। लोगों ने फिलहाल सरकारी नाव की मांग की है।


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