बेनीपट्टी(मधुबनी)। पंचायत प्रतिनिधि व संवेदक के तिकड़म में फंस कर करहारा पंचायत का जल नल योजना अनियमितता की योजना बन गई है। पंद्रह वार्डो में शुमार करहारा में अभी तक मात्र सात वार्डों में ही जल नल का काम पूर्ण बताया जा रहा है। जबकि, कथित पूर्ण हुए बोरिंग से लोगों को अभी भी कोई लाभ नहीं मिल रहा है। जिससे लोगों का गुस्सा कभी भी भडक सकता है। वहीं पंचायत के वार्ड न0-14 में संवेदक ने लापरवाही करने का सारा हद पार कर बोरिंग को धौंस नदी के किनारे पर गाड़ दिया है। वहीं बोरिंग से करीब दो सौ फीट की दूरी पर स्ट्रक्चर भवन का निर्माण कराया गया। वार्ड सदस्य श्याम सहनी ने बताया कि जल नल का कार्य खुद करना चाहते थे, लेकिन, तत्कालीन जेई नरेश कुमार के द्वारा उनके पंचायत के ही एक संवेदक को ठेका दिला दी। जो धीरे-धीरे राशि लेकर अब काम नहीं कर रहा है। इसकी जानकारी उनके द्वारा बीडीओ को दी जा चुकी है। वार्ड सदस्य ने बताया कि जहां बोरिंग है, वहां धौंस नदी का पानी उफलाने पर पहुंच जाता है। ऐसे में बोरिंग का भविष्य क्या होगा। वार्ड सदस्य ने कहा कि उन्होंनें हर राशि निकासी कर संवेदक को जेई के कहने पर दिया। उधर, भवन का निर्माण भी इस कदर किया गया है कि कब भवन गिर जायें, कहना मुश्किल है। बता दे कि उक्त वार्ड में अभी भी टंकी नहीं चढ़ाया गया है। वहीं कई जगहों पर पाईप क्षतिग्रस्त हो चुका है। गौरतलब है कि पंचायत में करीब आधा दर्जन जल नल अधूरा पड़ा हुआ है। जहां उद्घाटन हुआ है, वहां के वार्डों में भी योजना ठप पड़ा हुआ है। लोगों ने योजना के संबंध में बताया कि पूरा योजना खाउ-पकाउ नीति के कारण नाकाम हो रहा है। मुखिया ने बताया कि वाकई, वार्ड-14 में गड़बड़ी की गई है। लेकिन, निर्माण के संबंध में न तो वार्ड सदस्य ने पूछा, न ही कोई सचिव।


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