Ticker

6/recent/ticker-posts

घनश्याम ठाकुर को MLC बनाये जाने की संभावना अधिक, मिल सकता है 18 माह का कार्यकाल


भारतीय जनता पार्टी जिला मधुबनी के पूर्व जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर को बीजेपी की तरफ से एमएलसी का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इसकी चर्चा तेज हो गई है। संभावित इस खबर पर पार्टी की अधिकारिक मुहर लग जाती है तो घनश्याम ठाकुर को एमएलसी के 18 महीने का कार्यकाल मिलेगा।

खरमास के बाद आज 15 जनवरी से शुभ काम की शुरुआत हो गई है, ऐसे में उम्मीदवारों के चयन को लेकर बीजेपी जल्द ही निणर्य लेने वाली है। बता दें कि विधान परिषद् की चुनाव वाली 2 सीटों पर चुनाव होना है जो कि BJP के दो MLC के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। भाजपा के विनोद नारायण झा ने MLA चुनाव जीतने के बाद 11 नवंबर 2020 को इस्तीफा दिया था, इनका टर्म 21 जुलाई 2022 तक था। वहीं राज्यसभा भेजे जाने के कारण सुशील कुमार मोदी ने 9 दिसंबर 2020 को MLC पद से इस्तीफा दिया था, इनका टर्म 6 मई 2024 तक था। मतलब, विनोद नारायण झा वाले टर्म में 18 महीने और सुशील मोदी वाले टर्म में 41 महीने बचे हैं। 

लेकिन इन दो सीटों में एक सीट JDU को दिए जाने की बातें भी हो रही थी, जो कि JDU मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के लिए की जा रही थी। लेकिन अब समीकरण ऐसे बनें है कि विधान परिषद् की खाली हुई दोनों सीटों पर बीजेपी ही अपने कोटे से ही नाम देगी। जिसकी वजह यह भी मानी जा रही है कि विनोद नारायण झा वाले कार्यकाल में सिर्फ 18 महीने का कार्यकाल बचा हुआ है, जो कि अशोक चौधरी के लिए JDU लेनी नहीं चाह रही है। वहीं सुशील मोदी वाले कार्यकाल में 41 महीने का कार्यकाल शेष है, जो कि मंत्री और VIP प्रमुख मुकेश सहनी के हिस्से में जा सकती है। जबकि विनोद नारायण झा के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए घनश्याम ठाकुर को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इन दोनों सीटों के लिए नामांकन 11 जनवरी से ही होना था, लेकिन खरमास के कारण अबतक किसी ने नामांकन नहीं किया है। जो कि आने वाले दो से तीन दिनों में सब कुछ तय हो जाना है, क्योंकि इस चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 18 जनवरी तक ही है। 

इन दोनों सीटों के लिए वोटिंग अलग-अलग होनी है, अगर चुनाव की नौबत आई तो सभी 243 MLA को दोनों को अलग-अलग वोट देना होगा। जीत 122 पर निर्धारित होगी और सत्तारूढ़ NDA के पास 125 विधायक हैं। यानी, जो भी उम्मीदवार बनेंगे वह एमएलसी बनेंगे, यानी उनकी जीत पक्की है।

सत्तारूढ़ NDA के घटक VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी भाजपा कोटे से मंत्री बन चुके हैं। MLA चुनाव हार चुके सहनी को सदन तक पहुंचाना भी भाजपा की जिम्मेदारी है। चुनाव में NDA की सीटें भाजपा-जदयू में बंटी थीं। इनमें जदयू ने HAM को और भाजपा ने VIP को अपने खाते से सीटें दी थीं। सहनी को नन मैट्रिक हैं और राज्यपाल के मनोनयन वाली सीटों पर दावेदारी के लिए उनके पास किसी क्षेत्र की विशेषज्ञता नहीं है, इसलिए चुनाव में उतरना उनकी मजबूरी है। भाजपा उन्हें इसी कारण चुनाव में उतारने को मजबूर है। सुमो वाली सीट का कार्यकाल लंबा है, इसलिए मुकेश सहनी को भाजपा के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए यह दी जा रही है।

उतरी पहने दिल्ली बुलाए गए थे घनश्याम

घनश्याम ठाकुर बीजेपी के पुराने कार्यकर्त्ता हैं और लंबे समय तक मधुबनी जिला के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी विधानसभा सीट से इस बार उन्हें उम्मीदवार बनाये जाने की बात थी, टिकट फाइनल होने को लेकर बढ़ी सरगर्मी के बीच 5 अक्टूबर को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बेनीपट्टी सीट से बीजेपी के तरफ से टिकट के दावेदार मधुबनी के पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर को दिल्ली तलब किया था.

दिल्ली तलब किये जाने से एक दिन पहले ही 4 अक्टूबर को घनश्याम ठाकुर के पिता का निधन हुआ था, जिसके कारण पिता के निधन के बाद गले में उतरी लिए घनश्याम ठाकुर पार्टी के निर्देश पर दिल्ली पहुंचे. जहां उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव, राधा मोहन सिंह, नित्यानंद राय की कई राउंड की बातचीत हुई थी, जिसमें घनश्याम ठाकुर की उम्मीदवारी पर सहमति भी बन चुकी थी. जिसकी खबर उस रात उनके द्वारा समर्थकों के बीच भी पहुंच चुकी थी. लेकिन तारीख बदलने के साथ ही पार्टी का फैसला विनोद नारायण झा के पक्ष में चला गया था. आश्वासन मिला कि उन्हें एमएलसी बनाया जायेगा. जिसके बाद बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर ने आक्रोशपूर्वक फेसबुक लाइव आकर अपने साथ हुआ घटनाक्रमों को बताया था जिसमें पार्टी के प्रति उनकी नाराजगी देखने के लिए मिली थी। इस दौरान कयास लगाये जा रहे थे वह निर्दलीय चुनाव मैदान में आकर पार्टी के विरोध में जा सकते हैं , लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिता के श्राद्ध कर्म के बाद चुनाव के दौरान वह काफी सक्रीय रहे व विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करते दिखे थे




Post a Comment

0 Comments