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जस्टिस मधोलकर ने माना, तेजू बाबू है बेदाग मंत्री

 


बेनीपट्टी (मधुबनी)। भाकपा ने पूर्व मंत्री तेजनारायण झा के दसवीं पुण्यतिथि भाकपा कार्यालय परिसर में मनाई गयी। भाकपा नेताओं ने पूर्व मंत्री के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यापर्ण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के नेताओं ने कहा कि तेजू बाबू मिथिलाचंल के अग्रणी नेता के तौर पर थे। उन्होंनें स्वतंत्रता आन्दोलन में ऐतिहासिक योगदान दिया था। वर्ष-1939 में सुड़ी हाईस्कूल में कॉमरेड भोगेन्द्र झा के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्य बने थे। स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के मधुबनी आगमन पर उनके स्वागत एवं कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। वहीं 14 वर्ष के आयु में अंग्रेज कमिश्नर मुजफ्फरपुर के आदेश पर केन्द्रीय जेल में बंद कर कठोर से कठोर सजा दी गयी थी। जिससे उनका पूरा शरीर चोटिल हो गया था। इस अन्याय के खिलाफ जेल के सभी कैदियों ने सामूहिक रुप से अनशन कर दिया। वहीं तेजू बाबू वर्ष-1962 में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे। दूसरी बार विधायक निर्वाचित होने पर 1967 में बिहार के मंत्री बनाए गए। वक्ताओं ने कहा कि तेजनारायण बाबू अपने पूरे कार्यकाल के दौरान ईमानदारी को खास तरजीह दी। जिसके कारण उस जमाने में जस्टिस मधोलकर आयोग ने उन्हें बेदाग मंत्री के रुप में बताया था। बिहार के नौजवान संघ एवं किसान संगठन के साथ उन्होंने काम किया। सभा की अध्यक्षता भाकपा के अंचल मंत्री आनंद झा ने किया। इस दौरान किसान आन्दोलन में पचास से अधिक किसानों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए भारत सरकार के निरंकुश रवैया पर चिंता प्रकट की गई। श्रद्धांजलि सभा को कृपानंद झा आजाद, मनोज मिश्रा, तिरपित पासवान, अशेश्वर यादव, अजित कुमार ठाकुर, रामाशीष यादव, रमाकांत कामत, सुबोध कुमार झा, किशुन मिश्र, भरत झा, प्रेमचन्द्र झा, संतोष कुमार झा, सियालाल पासवान, संतोष पूर्वे, भोला मिश्र आदि ने सभा को संबोधित किया। 



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