बेनीपट्टी(मधुबनी)। प्रखंड के पाली पंचायत को बाढ़ से बचाव के लिए निर्मित जमींदारी बांध की मरम्मति फिर से हो रही है। जबकि, गत वर्ष भी करोड़ों की राशि से बांध के मरम्मत के दावे किए गये थे। हर वर्ष लाखों-करोड़ों की राशि से बांध मरम्मत की जा रही है ओर हर बाढ़ में बांध ताश के महल के तरह बिखड़ जाता है। गत वर्ष के बाढ़ में करीब आधा दर्जन जगहों पर बांध कटाव कर दिया था। जिससे स्थिति अत्यंत खराब हो गई थी। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल झंझारपुर 01 के द्वारा मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन के द्वारा पाली हल्का कार्यालय के समीप तकरीबन 40 मीटर की दुरी में पिछले वर्ष आयी बाढ़ में ध्वस्त हो गया था। इतना ही नही पाली के अलावे रामीपुर और नजरा सहित आधे दर्जन से अधिक जगहों पर बांध ध्वस्त हो गया था । इन दिनों पाली गोट, अग्रोपट्टी, शिवनगर, नजरा, रानीपुर में दो जगह और सोहरौल सहित अन्य जगहों पर टूटे महाराजी बांध की मरम्मती की जा रही है. मरम्मती कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए जदयू प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण सिंह, पाली पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सह जदयू नेता राजेंद्र मिश्र, गोविन्द झा सहित अन्य लोगों ने बताया कि मरम्मती कार्य में मिटटी के जगह अधिकांशतः बालू का प्रयोग किया जा रहा है और जहां बालू प्रयुक्त किया जाना चाहिये वहां बोरे में मिटटी डालकर बांध किनारे रखा जा रहा है, जो बांध की मजबूती कर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है। बता दे कि बांध की जर्जरता के कारण बीते वर्ष 2017 में भी बाढ़ भारी तबाही मचायी थी और हजारो लोग सडकों पर आकर महीनों तक शरण लेने को विवश थे। इस बाबत बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के जेइ सुधीर कुमार ने बताया कि मरम्मती कार्य में बांध की मजबूती का बखूबी ख्याल रखा जा रहा है।


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