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सिर पर नहीं था पिता का साया, मां ने दिया साहस तो ज्योति ने मैट्रिक में 421 अंक लाकर लहरा दिया परचम


कहते हैं प्रतिभा महलों की मोहताज नहीं होती इसको चरितार्थ किया है बेनीपट्टी प्रखंड के सलहा पंचायत अंतर्गत अधवारी गांव की ज्योति प्रिया ने. ज्योति प्रिया ने इस वर्ष आयोजित मैट्रिक परीक्षा में 421 अंक लाकर गांव सहित क्षेत्र का नाम रौशन किया है. ज्योति के यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि पांच साल पहले ज्योति के पिता जय प्रकाश साहू जो कि संकुल स्तर के स्कूल में शिक्षक थे, उनका निधन हो गया. कम उम्र में ही सिर से पिता का साया उठ जाना परिवार के साथ-साथ ज्योति के लिए यह बड़ा सदमा था. लेकिन इसे नियति मान ज्योति प्रिया की मां ने उसे साहस और आगे बढ़ने में साथ दिया. रहन-सहन और पढ़ाई लिखाई में कभी किसी जरुरत के लिए ज्योति की मां ने ज्योति को पिता की कमी का एहसास नहीं होने दिया. 

परिवार के संघर्ष को देखते हुए समय के साथ ज्योति ने आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई को ही एकमात्र ध्येय बना लिया. जिसका परिणाम रहा कि इस वर्ष के मैट्रिक परीक्षा के परिणाम आने के बाद इलाके में ज्योति के संघर्ष की चर्चाएं आम है.

ज्योति ने 500 अंक की परीक्षा में 421 अंक प्राप्त किये हैं. लोग ज्योति की सफलता पर छात्रों को मिशालें दे रहे हैं. पल्टू लोरिक हाईस्कूल तिसियाही की छात्रा ज्योति अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी मां, छोटे भाई और परिवार के साथ शिक्षक शशिभूषण यादव को देती है.  ज्योति आगे मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बन लोगों की सेवा करना चाहती है. 

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