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27 Apr 2018

जर्जर सरकारी भवन में रहने को विवश है अधिकारी व कर्मी

बेनीपट्टी(मधुबनी)। अनुमंडल गठन के कई दशक गुजर जाने के बाद भी मुख्यालय में सरकारी आवासीय भवन का निर्माण नहीं कराया गया है। फलतः आज भी अधिकारियों को वर्षों पूर्व निर्मित अतिजर्जरता की चपेट में आ चुके भवन में रात गुजारना पड़ रहा है। भवन की नियमित मरम्मत के कारण कई भवन जहां जमींदोज हो गई है। वहीं कई मकान अभी भी अधर में लटका हुआ है। हैरत है कि बेनीपट्टी अनुमंडल में एसडीएम व एसडीपीओ का भी आवासीय भवन का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है। जबकि अनुमंडल के गठन के करीब 35 वर्ष से अधिक का समय गुजर गया। फिलहाल दोनों वरीय अधिकारी किसी तरह समस्याओं के बीच समय काट रहे है। एसडीपीओ का आवासीय भवन डाक बंग्ला जिला परिषद् का है। जिसे कई वर्ष से एसडीपीओ के आवास के रुप में कार्य लिया जा रहा है। जबकि बीडीओ व सीओ को आवासीय भवन अतिजर्जरता के चपेट में आ चुका है। पिछले बीडीओ ने आवासीय भवन के रिसाब होने से आजिज होकर मरम्मत कराया था। लेकिन सीओ का आवासीय भवन का अब तक मरम्मत नहीं कराया गया है। उधर बेनीपट्टी के स्वास्थ्य अधिकारियों के आवासीय भवन भी वर्षों पूर्व जर्जरता के कारण अधर में लटका हुआ है। जिसके कारण पीएचसी में कार्यरत चिकित्सकों को आए दिन बाहरी मकान का सहारा लेना पड़ रहा है। जानकारी दें कि बेनीपट्टी मुख्यालय में बीईओ व डीसीएलआर के आवासीय भवन का भी अब तक निर्माण नहीं कराया गया है। गौरतलब है कि प्रखंड कार्यालय स्थित अधिकारियों व कर्मचारियों के आवासीय भवन का निर्माण वर्षों पूर्व कराया गया। जहां अधिकांश भवन जर्जर होकर जमींदोज हो चुका है। तो कुछ भवन मरम्मत करा उपयोग किया जा रहा है। बावजूद भवन निर्माण विभाग भवन की विभागीय मरम्मत नहीं करा रही है। उधर प्रखंड कार्यालय के पूर्वी भाग में करीब एक दर्जन आवासीय भवन का निर्माण कराया गया, लेकिन अब तक उक्त भवन में न तो अधिकारी ही उपयोग कर रहे है। न ही कोई कर्मी भवन में रह पाता है। सूत्रों की माने तो अब तक भवन निर्माण विभाग की ओर से भवन के संबंध में लिखित सूचना नहीं दी गई है। जिसके कारण भवन को अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है।
         भवन के अभाव में किराए पर रहते है कर्मी व अधिकारी
अनुमंडल मुख्यालय में सरकारी आवास की कमी के कारण अधिकांश पदाधिकारी व कर्मी किराए के मकान में रहने को विवश है। जानकारी के अनुसार बेनीपट्टी में एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, बीएओ को छोड़ अन्य अधिकारी लगातार बाहर में किराए के मकान में रहते है। वहीं कर्मचारियों की बात करें तो कर्मचारियों का रोजाना घर से आवाजाही करना पड़ रहा है। जिसके कारण लोग पंचायत से लेकर प्रखंड मुख्यालय तक रोजाना दौड़ लगाते है। स्थानीय लोगों की माने तो कर्मी के लिए आवासीय भवन नहीं होने के कारण बेनीपट्टी के सभी पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व आवास सहायक किराए के मकान में रहते है। तो वहीं कई कर्मी समीप होने के कारण अपने गांव लौट जाते है। जबकि वरीय अधिकारी सभी कर्मियों को रोजाना पंचायत भवन पर उपस्थित होने की फरमान जारी करते है।
                 भवन के निर्माण के लिए होगा प्रशासनिक पहल
मुख्यालय में सरकारी आवासीय भवन की कमी पर ध्यान आकृष्ठ कराने पर एसडीएम मुकेश रंजन ने बताया कि सरकारी आवासीय भवन की वाकई किल्लत है। इस संबध् में जल्द ही वरीय अधिकारी के समक्ष समस्या को रखा जाएगा।

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