लदौत के घरों में गाड़ दिए सरकारी राशि से चापाकल - BNN News

Latest

26 Mar 2018

लदौत के घरों में गाड़ दिए सरकारी राशि से चापाकल

बेनीपट्टी (मधुबनी)। कटैया पंचायत में सोलर अधिष्ठापन व चापाकल गाड़ की योजना में भारी अनियमितता का मामला कई महीनों से चलने के बाद हुई प्राथमिकी से भी प्रखंड के अन्य पंचायत प्रतिनिधि सबक नहीं लेते दिख रहे है। प्रखंड के महमदपुर पंचायत में भी पंचायत प्रतिनिधि व पंचायत सचिव ने सारे विभागीय कानून को ताक पर रख कर चापाकल गाड़ दिए है। चापाकल गाड़े जाने में न तो विभागीय दिशा-निर्देश का पालन किया गया है। ओर न ही सार्वजनिक जगहों पर चापाकल गाड़े गए है। ग्रामीणों की माने तो चापाकल गाड़ने के नाम पर सरकारी राशि की लूट की गयी है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत की ओर से गत छह माह पूर्व गाड़े गए चापाकल में लोहे का पाईप के बदले जमकर प्लास्टिक का पाईप इस्तेमाल किया गया है, ताकि राशि का बंदरबांट किया जा सके। पंचायत के महमदपुर गांव में जहां दरबाजों पर चापाकल गाड़े गए है। वहीं लदौत गांव में तो सारे नियम-कानून को ताक पर रख दिया गया है। गांव के क्षेत्र भ्रमण के दौरान पंचायत की राशि से गाड़े गए चापाकल को चेहरा देख कर वितरण किया गया है। अधिकांश चापाकल को आंगन में ही गाड़ दिए गए है। वहीं एक जगह पर तो लगातार दो अंतराल पर चापाकल दिया गया है। जबकि दोनों चापाकल के स्थल की दूरी मात्र पचास फीट की होगी। सूत्रों की माने तो कुछ चापाकल वार्ड सदस्य को भी नजराना के तौर पर दिया गया है। पंचायत के एक अन्य खास प्रतिनिधि ने बताया कि सारे चापाकल 14वीं वित्त की राशि से लगाए गए है। वहीं बताया गया कि वर्ष-2015/16 के बाद चापाकल गाड़े जाने पर रोक लगा दी गयी है। बावजूद अवैध रुप से बसूली कर चापाकल गाड़ दिए गए है। सूत्रों की माने तो गत छह माह पूर्व पंचायत सचिव व मुखिया के मिलीभगत से लदौत गांव में सिर्फ छह चापाकल गाड़ दिए गए है। जायजा लेने के क्रम में चापाकल का लाभ ले चुके वार्ड न0-08 की महिला मंजू देवी ने बताया कि पानी के लिए काफी परेशानी हो रही थी। चापाकल के लिए मुखिया को कहा तो छह माह पूर्व चापाकल लगा दिया। आंगन में सरकारी चापाकल के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि उन्हें नियम की जानकारी नहीं है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकांश लाभुकों के घरों में चापाकल लगाए गए है। जिससे साफ है कि चापाकल गाड़ने में विभागीय निर्देश का खुला उल्लंघन किया गया है। संभावना है कि इस योजना के नाम पर सरकारी राशि की जमकर बंदरबांट की गयी है। इस संबंध में विभागीय पक्ष के लिए संबंधित पंचायत सचिव के मोबाईल पर संपर्क किया गया तो चापाकल का नाम सुनते ही मोबाईल काट दिया। उपरांत कई प्रयासों के बाद भी पंचायत सचिव से संपर्क नहीं हो पाया।

No comments:

Post a Comment

फेसबुक पर रेगुलर न्यूज़ अपडेट्स पाने के लिए पेज Like करें व अधिक से अधिक शेयर करें