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शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन में हो रही छात्रों को समस्या

बेनीपट्टी (मधुबनी)। शिक्षकों की कमी के कारण प्रखंड के कई विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दी जा रही है। यूं तो विभाग में पूर्व से ही शिक्षकों की कमी रही है, परंतु प्रखंड के कई विद्यालयों में शिक्षकों की ऐसी कमी है कि छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन में भी समस्या उत्पन्न हो रही है। प्रखंड के गैवीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण विषयवार पढ़ाई तो दूर सामान्य पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्कूल के नामांकित 142 छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के लिए विभाग के द्वारा प्रभारी सहित मात्र दो शिक्षक ही प्रतिनियुक्त किया गया है। प्रभारी विद्यालय के कार्य से ही व्यस्त रहते है।ऐसे में एक मात्र शिक्षक के भरोसे सैंकड़ों बच्चों की पढ़ाई कराई जाती है। स्कूल में शैक्षणिक वातावरण का अंदाजा शिक्षक की संख्या देखकर ही लगाया जा सकता है। जबकि छात्रों के पठन-पाठन के लिए चार कमरों का निर्माण कराया गया है। वहीं छात्रों ने बताया कि विगत कुछ वर्ष पूर्व संस्था की ओर से निर्माण कराये गये शौचालय के ध्वस्त होने से छात्रों को शौच के त्याग करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं ग्रामीणों की माने तो शिक्षक व संसाधन की कमी के कारण अधिकांश छात्र अन्य स्कूल में नामांकन कराये हुए है।स्थिति इतनी बद्तर है कि नामांकित बच्चों में से आधे ही बच्चें स्कूल पहुंच पाते है। गौरतलब है कि त्यौंथ पंचायत के सुदूर ग्रामीण इलाकों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देने के लिए वर्ष-1956 में स्कूल की स्थापना की गयी थी। परंतु विभागीय व शिक्षकों की लापरवाही के कारण विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण संतोषजनक नहीं है। इस संबंध में विद्यालय प्रभारी ने बताया कि विद्यालय को प्राप्त हर संसाधन से बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। शिक्षकों की कमी के लिए कई बार विभागीय पदाधिकारी को कहा गया है। जब तक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को खत्म नहीं किया जायेगा, तब तक समस्या रहेगी।

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