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राहत कैंप के बाद भी परेशान है बाढ़ पीड़ित

बेनीपट्टी(मधुबनी)। नेपाल के जलअधिग्रहण क्षेत्र से आयी बाढ़ के कारण बेनीपट्टी की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है।लोग राहत के लिए दर-दर भटक रहे है।लोगों की संख्या को देख प्रशासनिक राहत उंट के मूंह में जीरा साबित हो रही है।कई पंचायत में बाढ़ के कई दिन के बाद भी राहत नहीं दिया गया है।मवेशी के लिए चारा का इंतजाम नहीं होने से मवेशी पालकों में ओर समस्या गहरी हो रही है।बाढ़ के चौथे दिन भी पानी कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।उधर पानी की तेज धाराओं के कारण पाली चौक के समीप एसएच-52 पथ पर कटाव हो गया है।जिसे ग्रामीण लगातार पाटने में लगे हुए है।बावजूद पानी की तेज बहाव के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है।पाली में सड़क के कटाव होने से प्रखंड के करीब पांच पंचायत के लोगों तक प्रशासन को पहुंचने में काफी समस्या होगी।गौरतलब है कि बेनीपट्टी में आयी बाढ़ के कारण अब तक करीब एक दर्जन से अधिक पंचायत पूर्णरुप से प्रभावित हो चुके है।कई पंचायत के लोग आज भी छतों पर गुजर कर रहे है।स्थिति खराब होती जा रही है।बर्री पंचायत में सैंकड़ों लोग छतों पर शरण लिए हुए है तो कुछ लोग सरकारी स्कूला के भवनों पर गुजारा कर रहे है।जहां तक प्रशासनिक राहत अब तक नहीं पहुंच रही है।क्षेत्र के बर्री, माधोपुर, रजवा, रलघट्टा, बगवासा, अगई, धनुषी, सिमरकोण, हथियरवा, सोहरौल, बिरदीपुर, त्रिमुहान, पाली, करहारा, बसैठ,मेघवन, नजरा, रजौन, गंगूली, बलिया, दामोदरपुर सहित कई अन्य गांवों की स्थिति बद्तर है।बाढ़ग्रस्त पंचायतों में पर्याप्त मेडिकल टीम नहीं है।जिससे लोग खासे परेशान है।बाढ़ के चौथे दिन भी लोगों के घर पानी में डूबा हुआ है।बाढ़ पीड़ित सड़कों के किनारे कैंप लगाकर माल-मवेशी के साथ रहने को विवश है।पाली के पूर्व मुखिया राजेंद्र मिश्रा, मेघवन के पूर्व पंसस सह पैक्स अध्यक्ष प्रवेज आलम, मो.असद, मुखिया साजदा प्रवीण सहित कई जनप्रतिनिधियों ने बताया कि उनके पंचायत में राहत नहीं दी गयी है।लोग बेबश है।



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