Ticker

6/recent/ticker-posts

तेरा दर्द न जाने कोई ,करहारा की अनंत कथा

बेनीपट्टी(मधुबनी)। कन्हैया मिश्रा : अधवारा समूह के सहायक धौंस नदी पर पुल के निर्माण नहीं होने से नदी मे डूब कर मरने का सिलसिला न जाने कब थमेगा? ये एक यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है।बुद्धवार को करहारा गांव के मोही आलम का पुत्र मो. तौसीफ की जान नदी में डूबने से निकल गयी।नदी में डूबकर मरने वालों में सिर्फ तौसीफ ही नहीं बल्कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार एक वर्ष में करीब चार मासूमों की मौत उक्त नदी में डूबने से हो चुकी है।बावजूद न तो प्रशासन ही उक्त नदी पर पुल निर्माण के लिए कोई विशेष पहल करती दिखाई दे रही है ओर ना ही स्थानीय जनप्रतिनिधि।ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार मो. तौसीफ से पूर्व साईमा खातून(8) मोहनतजीर आलम(7) सहित एक अन्य रानीपुर गांव के युवक की मौत नदी में डूबने से हो चुकी है।गौरतलब है कि करहारा गांव चारों ओर से नदियों के जालों से घिरा हुआ है।जहां आवाजाही का एकमात्र साधन नाव अथवा तैरकर आवाजाही ही विकल्प है।ऐसे में अधिकांश लोग या तो नाव से नदी के उस पार होकर बेनीपट्टी जाते है, अथवा हेलकर।ग्रामीणों की माने तो नदी मे पानी अधिक होने पर पानी के तेज बहाव में लोग बह जाते है।
                         करहारा का भविष्य नाव के सहारे
संसाधन व विकास के अभाव में करहारा का दम भले ही निकलता हो, परंतु इस गांव में शिक्षा ग्रहण करने की एक खास ललक देखने को मिलती है।अभिभावकों के लाख मना करने के बाद यहां के बच्चियां रोजाना पढ़ने के लिए नाव से यात्रा कर बसैठ उच्च विद्यालय जाते है।ये सिर्फ एक दिन की बात होती तो शायद माना जाता, लेकिन ये नाव की यात्रा करहारा के भविष्य को रोजाना देखने को मिलता है।नाव से यात्रा कर रही कई छात्राओं ने बताया कि क्या करें सर, हमरे यहां कोई व्यवस्था नहीं है, न ही गांव में उच्च विद्यालय है ना ही नदी पर पुल।शायद बच्चों ने भी सरकार के विकास के वायदें पर अब ध्यान देना बंद कर दिया है।
                 तीन नदियों से घिरा हुआ है करहारा गांव
प्रखंड के करहारा पंचायत के मुख्य करहारा गांव मुख्यतः मुस्लिम व यादवों की बहुलता है। गांव की आबादी करीब 10 हजार से अधिक की होगी।परंतु सरकारी योजनाओं के संचालन में अनियमितता के कारण गांव में एक भी योजना सही रुप से नहीं संचालन हो पाया।कई योजनाऐं आधे-अधूरे दम तोड़ चुकी है।गांव की स्थिति का अंदाजा लगाना सहज होगा कि गांव से दूसरे गांव जाने में भी बांध का सहारा लेना पड़ता है।गौरतलब है कि करहारा अधवारा समूह के धौंस , गेहूंमा व थुम्हानी नदी से घिरा हुआ है।वर्षो से नदी पर पुल के निर्माण को लेकर ग्रामीण स्तर पर कई बार आन्दोलन हो चुका,बावजूद प्रशासनिक अधिकारी से कोरा आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिल पाया।
                        कहते है जनप्रतिनिधि व अधिकारी
हरलाखी विधानसभा क्षेत्र के एमएलए सुधांशु शेखर ने बताया कि करहारा गांव के धौंस नदी पर पुल निर्माण के लिए वे लगातार प्रयासरत है।बहुत ही दुख की बात है कि पुल के अभाव में एक गांव आवाजाही नहीं कर पा रहा है।उनके द्वारा विभाग को कई बार लिखा जा चुका है।जल्द ही उक्त समस्या को सदन में उठाया जायेगा।वहीं अनुमंडल पदाधिकारी राजेश परिमल ने बताया कि उक्त गांव में पुल के निर्माण के लिए उनके स्तर से जितना प्रयास संभव होगा, किया जायेगा।

Post a Comment

0 Comments