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बेनीपट्टी विशेष : नय बिसरs वला याद श्री लीलाधर उच्च विद्यालय के













संस्मरण : बीजे बिकास 
ई सर्वसत्य छय जे बीतल बात आ समय कखनो वापस नय आबय छय मुदा किछ बीतल बात आ समय एहन याद सहेजने रहय छय जकरा कहियो बिसरैल नय जा सकय या अहाँ सबहक संगही हमरो ओहने कीछ याद जुड़ल अईछ श्री लीलाधर उच्च विद्यालय सs... ओहि याद के कीछ अंश साझा करबाक हम बिदेश्वर नाथ झा "बिकास" तुक्ष प्रयास क रहल छी!

मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी स्थित श्री लीलाधर (आदर्श) उच्च विद्यालय, बेनीपट्टी, एही विद्यालय में कक्षा 8 स 10 तक के पढाई होइत छल लेकिन आब कक्षा 9 स कक्षा 10 तक के पढाई संगही 12वीं के पढाई सेहो आरंभ भ गेल अईछ।  

किछ याद...

काफी लम्बा चौड़ा मैदान जाहि में चुनाव प्रचार के समय में नेता सभक उड़नखटोला (हेलीकाप्टर) उतरैत छल, इन्द्र पूजा के मेला लागैत छल आओर क्रिकेट टूर्नामेंट केर आयोजन संगही बहुत रास सांस्कृतिक, सामाजिक, प्रशासनिक कार्यक्रम केर आयोजन कयल जैत छल जे की अखनो होईत अईछ। अहि विद्यालय के प्रांगन में लड़की सब के लेल परियोजना बालिका उच्च विद्यालय सेहो अछि। 

आब अपने सब के किछु रोचक बात बताबय छि 2010 वर्ष के आस पास के बात छय राजेंद्र मिश्र "विद्यार्थी" इ उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक छलखिन आब ओ सेवानिवृत भ गेल छैथ। काफी समय स बेनीपट्टी में रहबाक कारण बेनीपट्टी  के भs का रही गेलैथ। छात्र सब पढाई स दूर रहबाक लेल हुनका स दू लग्गा दुरे रहै छल नै जानि कखन ककरा अपन चपेट में लs लेता। पढाई आ पढ़ेबाक प्रति सजगता के कारण हुनकर शिक्षक श्रेणी में कीछ अलगे पहचान छैन। 

आ संगही संस्कृत के पंडित सर भाग्य नारायण झा सर (अड़ेर) सेहो छलाह हुनका शायदे कियो गोटा बिशैर सकय छैथ, पंडित सर मजाकिया स्वभाव के छलाह हर दम सब छात्र सब के हँसा हंसा क पढ़बय छलाह मुदा तमसाहो बड़ छलाह। 

 

जखन कखनो अई विद्यालय के परिसर में जाय छि मोन पईड़ जाइत अइछ अई विद्यालय में बितायल दिन, बेनीपट्टी स दूर के सहपाठी सब 8-10 किलोमीटर दूर स साईकिल स स्कूल पहुँचैत छल। आ गामक छौंड़ा सब झुण्ड बना कs पैदल निकलैत छल। एकटा झुण्ड बेहटा गाम दिस स, एकटा झुण्ड जरैल बरहा दिस स, एकटा झुण्ड कटैया दिस स, एकटा झुण्ड देवपुरा सरिसब दिस स ऐना बुझाय छल जे युद्ध लड़बाक लेल निकलल गेला। ककरो गार्जियन साईकिल नै दय छलाह जँ ककरो देबो करै छलाह या कियोक अपन घर स चोरियों क कs लs गेल त दू आदमी केरियल पर एक आदमी अगिला डंडा पर और एक आदमी साईकिल ड्राईवर सीट पर बैईस जाय छल। जों साईकिल सही सलामत घर पर नय पहुँचैत छल ओकरा निश्चित रुपे फ़ज्झैत लिखल रहै छलय ओई दुआरे कियो साईकिल स्कूल नय ल जाय चाहय छल। सब पैदल स्कूल पहुँचैत छल।

रास्ता में आमक कलम में झटहा स किसनभोग, बम्बई, चोरबा आमक टुकला झारैत, आ फिल्म के शौक़ीन सहपाठी सब कक्षा शुरू होबs सs पहिले अम्बा हॉल आ चित्रा हॉल के मुआयना क आबय छलाह जे कुन सिनेमा लागल अइछ। 

ओहि के बाद 10 बजे बला घंटी में हाजिरी बना क स्कुल स भगबाक प्लान बनय छल। जाही भगबाक कारण मास्टर साहेब स माईर खेनाय सबके उठोना भ गेल छल। भगला के बाद हाई स्कुल के पछा में बरदहट्टा छल ओय समय में क्लास के समय में बैट-बॉल खेलनाय होय छलय.. आ जहिया क राजेंद्र सर के पता लाइग जाय छलैन त बैट-बॉल के बीचे में नुका चोरी सेहो भ जाय छलय, हुनकर गाड़ी के आवाज सुइनते मातर दुनु टीम के खिलाड़ी लत्ते पत्ते भाइग जाय छला, सब अपन अपन पोजीसन ल लय छला कियो  धानक खेत में नुकाय छला त कियो आमक गाछ पर। मुदा नुकेला स कुनो फायदा नय हो छला 1500 विद्यार्थी में 2-4 टा नारद शकुनी सब मित्र सेहो रहय छल त ओ नारद आ शकुनी मित्र सब नाम कइह दय छलय सब के अन्तोगत्वा सरेंडर करा परय छला, आ सरेंडर केला के बाद दे दनादन... विचित्र तरहक सामूहिक पिटाई होय छला। माइरक असर 1-2 दिन रहय छल, मुदा थेत्थर कहूँ  माइर स सुधरलय या ?? फेर 2-3 दिन बाद स ओहा स्कूलक पाछा के बरदहट्टा आ ओहाs बैट बॉल।



ओई समय में लगभग 1000-1500 विद्यार्थी स्कूल में पढैत छल, स्कूल पहुंचला के बाद प्रार्थना शुरू होइत छलै ओकरा बाद कक्षा में जेबाक लेल घंटी लागैत छल कक्षा में गेला के बाद हाजिरी लगनाई शुरू होइत छलै एक कक्षा में चाईर सौ स पाँच सौ विद्यार्थी होबाक कारन मास्टर साहैब के हाजिरी लगेनाय मुश्किल भ जाय छलैन पूरा 1 घंटा हाजिरी में निकैल जाय छलै। आ मास्टर साहब के निकलला के बाद भगोड़ा सब  भगनाय शुरू क दय छला, मतलब हमहू यदाकदा भाईग जाय छलउ। कक्षा में बैसबाक लेल सीट के मारामारी होइत छल, अगिला दू तीन ब्रेंच पर जे विद्यार्थी बईसईत छलाह हुनक नाम मास्टर साहैब के याद रहै छलैन आ ओ तेज कहाइत छलाह, आओर पछिला ब्रेंच पर बैसा बला छात्र भगोड़ा, गवांर, मुर्ख, चप़ाट, बरद, महिस, कुक्कुर नय जनि कुन कुन श्रेणी में आबय छलाह। हमहू ओहि कुनो श्रेणी में छलउ। 

कतौउ बैईसू... मास्टर साहैब के नजरि सभक ऊपर रहै छलैन ज्यों कनिको एम्हर-उम्हर केलौं त पीठ पर मुक्का बजैईर जाय छल। मुक्का स याद आबि गेलइथ इंग्लिश वला रत्नेश्वर सर... ओ मुक्का स जबरदस्त प्रहार करय छलाह। प्रहार एहन जे.. ज्यों किछु यादो रहय छल ओहो बिसईर जाय छलउं। एकटा इतिहास विषय केs सर छलखिन अशोक सर मधुबनी वला... वो प्रथम विश्वयुद्ध आ द्वितीय विश्वयुद्ध पढ़बा के दरमयान रोजाना नय जानी कतेको विद्यार्थी के घायल क दय छलाह.. मुदा घायल भेला के बादो विद्यार्थी सब हिम्मत क कs प्रथम विश्वयुद्ध आ द्वितीय विश्वयुद्ध लेल हुनका पास पंहुचय छल।  ओय समय में कटैया के सुरेंद्र सर नागरिक पढ़बय छलखिन, विद्यार्थी सब के संबोधन लेल हुनकर एकटा बहुत सुंदर लाइन छलेन.. ऐ लड़का.. पीछे से तीसरा बेंच का दूसरा लड़का खड़े हो जाओ! न्यायपालिका, विधायिका, नगर परिषद, जिला परिषद, विधायक आ सांसद सब के बारे में हुनके स ज्ञान भेटल। लेकिन नागरिक विषय के लोकतंत्र चैप्टर पढ़बा के चक्कर में हुनक क्लास के समय हमर सब के स्वतंत्रता खत्म भ जाय छल। 

हां तैयो पछिला ब्रेंच बला महानुभाव सब वाकमेन, आ मोबाइल स्कूल ल गेनाइ नै बिसरैत छलाह। एम्हर मास्टर सहैब पढ़बैत छलखिन आ उम्हर पछिला ब्रेंच बला पढूआ सब गीत सुइन रहल अछि, ज्यों कियो गीत सुनैत पकड़ा जाय छल त ओकर हाल देखै बला होई छल। आब कता स लौटत ओ दिन सब अतीत भ गेल। बहुत रास ऐहन याद जुड़ल अईछ इ स्कुल स जे की कहियो बिसरल नय जा सकय या। राजेंद्र सर, सुरेंद्र सर, जयवीर सर, सोमनाथ सर, अशोक सर, अमोल सर, अर्चना मेडम जेहन जेहन अभिभावक सन शिक्षक सब सs ज्ञान अर्जित करवाक अवसर मिलल। अहि स सिख लेबाक चाही जे की जे वर्तमान में अछि ओकरा खुल क जिबू, किया की बितल दिन वापस ने आबैत छय। अहां सब के इ बात बताबैत हर्ष भ रहल अछी जे इ उच्च विद्यालय के आब आदर्श उच्च विद्यालय के दर्जा मिलला जे की बेनीपट्टी आ हमरा सब लेल सौभाग्यक बात अईछ।




श्री लीलाधर उच्च विद्यालय के अनऑफिसयल वेबसाइट : www.slhsbenipatti.com

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