घोघरडीहा। प्रखंड के बसुआरी पंचायत में एक ही पथ के निर्माण के लिए दो विभाग आमने-सामने आ गए है। जिसको लेकर मामला इतना बिगड़ गया कि शुक्रवार को इसमे पुलिस और प्रशासन तक को हस्तक्षेप करना पड़ गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल फुलपरास के द्वारा वर्ष 2020 में बसुआरी पंचायत के अंतर्गत मौज टोल से रौदी टोल तक 1.9 किलोमीटर पथ को एमएमजीएस योजना से पक्कीकरण की स्वीकृति दी गई थी। नावार्ड संपोषित एक करोड़ छः लाख की लागत से बनने वाली उक्त सड़क निर्माण का सभी कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। संवेदक चयन हेतु विभाग ने टेंडर भी जारी कर दिया है,जो प्रक्रियाधीन है। 

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टेंडर फाइनल होते ही उक्त पथ का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। इसी बीच पंचायत के मुखिया निर्मला देवी ने उक्त सड़क के आंशिक भाग में ग्राम पंचायत स्तर से कार्य कराना प्रारंभ कर दिया है। जिसकी जानकारी जैसे ही आरडब्लूडी फुलपरास के कार्यपालक अभियंता को मिली तो वे गुरुवार को कार्यस्थल पर पंहुचकर मुखिया से उक्त योजना की स्वीकृति के संबंध में जानकारी देते हुए कार्य बंद करने को कहा। लेकिन मुखिया पति सह पूर्व मुखिया दिगम्बर मंडल ने कार्य बंद करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद कार्यपालक अभियंता ने घोघरडीहा के बीडीओ धीरेन्द्र कुमार धीरज को पत्र देकर उक्त कार्य को शीघ्र रोकने का अनुरोध किया। कार्यपालक अभियंता के द्वारा बीडीओ को दिए गए पत्र में उन्होंने बताया है कि मौज टोल बसुआरा से रौदी टोल बसुआरा तक 1.9 किलोमीटर पथ में पक्कीकरण की स्वीकृति ग्रामीण कार्य विभाग से होने की जानकारी देते हुए उक्त सड़क के आंशिक भाग में कार्य होने पर तकनीकी रूप से पूरी योजना के फंसने की आशंका जताई है। जिसकी कुल लंबाई 1.9 किलोमीटर है। पथ का निर्माण कार्य नावार्ड ऋण संपोषित योजना अंतर्गत चयनीत है। 

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पथ में पंचायत स्तर से निर्माण कार्य कराने हेतु सिलापट्ट लगाया गया है, जिसके अनुसार पथ का नाम बदलकर रेलवे गुमती पुलीया के आगे से सोमन पंडीत के घर होते हुए राम अवतार मंडल के घर तक पीसीसी निर्माण कार्य का सिलापट्ट लगा दिया है। विभागीय अनापत्ती प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना कार्य करवाया जा रहा है जिसे जल्द से जल्द रोकने की कार्रवाई की जाय। इस पत्र के प्राप्त होते ही बीडीओ ने तत्काल मुखिया को कार्य बंद करने का निर्देश दिया। लेकिन मुखिया अपनी जिद्द पर अड़ी रही और शुक्रवार को पुनः कार्य प्रारंभ कर दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने मुखिया द्वारा संचालित योजना का विरोध किया जाने लगा। ग्रामीणों सहित पंसस बबिता कुमारी ने इसकी जानकारी बीडीओ को दिया। बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज घोघरडीहा थाना के एसआई शम्भू नाथ झा के साथ सड़क निर्माण स्थल पर पंहुच कर मुखिया द्वारा कराए जा रहे जबरन निर्माण कार्य को तत्काल रोकने का निर्देश दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब एमएमजीएसवाई से 12 फिट चौड़ा सड़क का निर्माण होना है तो, पंचायत की राशि का दुरुपयोग क्यो किया जाय। उक्त राशि का उपयोग पंचायत के अन्य जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण पर करना चाहिए। वही पंसस बबिता कुमारी का आरोप है कि मुखिया जी के द्वारा षष्टम वित्त की राशि का 13 लाख 78 हज़ार रुपए अग्रिम निकासी कर ली गई है, जिसको समायोजित करने का असफल प्रयास किया जा रहा है। मुखिया का कहना है कि उक्त योजना ग्राम सभा से पारित है और नियमतः कार्य किया जा रहा है। बीडीओ ने बताया कि कार्य को तत्काल रोक दिया गया है, जांचोपरांत आरडब्लूडी के कार्यपालक अभियंता से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर ही अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।


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