बेनीपट्टी(मधुबनी)। बेनीपट्टी मुख्यालय के सरिसव में संचालित नॉलेज डेवलपमेंट किंडर गार्टेन एकेडमी परिसर में आर्यवीर दल प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ. जहां छात्र-छात्राओं के बीच प्रशिक्षण आर्य गुरुकुल दयानंद वाणी जरैल एवं नॉलेज डेवलपमेंट किंडर गार्टेन एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था. 

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प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत बीते 1 जून को हुई थी जिसका समापन किया गया. शिविर में प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को दिल्ली के प्रशिक्षक हरि सिंह आर्य व सहारणपुर के राजेश आर्य ने जुडो-कराटा, आसन-व्यायाम, प्राणायाम, सैनिक अभ्यास, संध्या-हवन आदि का प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से बच्चे आयुष्मान, बलवान, चरित्रवान, ओजस्वी, बुद्धिमान, धार्मिक, मातृ-पितृ भक्त और श्रेष्ठ राष्ट्रभक्त बनते हैं. वहीं समापन सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री व विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि आर्य समाज का वैदिक ज्ञान पद्धति दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है और अति प्राचीन है.

आर्य समाज की वैदिक ज्ञान को अमेरिका का नासा भी मानता है. वैदिक ज्ञान पद्धति की शुरुआत दुनिया में भारत से ही हुई थी. आर्य समाज मूल रूप से भारतीय है. आर्य समाज ने इस महान परंपरा को कायम रखने के लिये काफी संघर्ष किया है. भारतीय संस्कृति दुनिया में सबसे श्रेष्ठ है. विधायक ने कहा कि 

इस तरह के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन सराहनीय है. बता दें कि नॉलेज डेवलपमेंट किंडर गार्टेन एकेडमी के निदेशक दिलीप कुमार झा ने सभी आगंतुक अतिथियों को मिथिला के पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पाग-दोपाटा से सम्मानित किया. मौके पर डॉ. व्यासनंदन शास्त्री, आचार्य पंकज, आचार्य सुशील, जयसुन्दर मिश्र, शंकर कुमार झा, अनिल साफी व संजय यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे.


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