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सादगी के मिसाल थे जननायक कर्पूरी ठाकुर

 


बेनीपट्टी(मधुबनी)। पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्मदिवस पर बेनीपट्टी में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अंबेडकर-कर्पूरी सामाजिक संस्थान के तत्वावधान में पूर्व सीएम के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उनके कृत्यों पर चर्चा की गई। संगोष्ठी की अध्यक्षता रामाशीष मंडल ने की। संगोष्ठी से पूर्व बहुजन समाज में जन्म लिए संत-महात्मा, पत्रकार, बुद्धिजीवि, स्वतंत्रता सेनानी व साहित्यकार को याद किया गया। संस्थापक अध्यक्ष रामवरण राम ने कहा कि मानवीय एकता का विचार फैलाने के लिए उंच-नीच व धर्म-वर्ण के भेदभाव को समाप्त कर मानवीय मूल्यों की रक्षा जरुरी है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। मानवाधिकार का उल्लघंन हो रहा है। ऐसी परिस्थिति में जननायक कर्पूरी ठाकुर ने कहा था, एक न एक दिन संसद के विशेषाधिकार को जनता चुनौती देगी। रामश्रेष्ठ दिवाना ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने ही मैट्रिक तक निःशुल्क शिक्षा का व्यवस्था किए। जिसके कारण गरीब तबकों के बच्चें शिक्षा से जुड़ सके। भूमि संबंधित कई कानून बनाए। वहीं गंगा यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने तीन एकड़ सिंचित भूमि को लगान माफ कर ऐतिहासिक कार्य किए थे। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सादगी के मिसाल थे। मौके पर नागेन्द्र प्रसाद यादव, पवन भारती, विष्णुदेव यादव, विजय पासवान, रामदेव राम, रामचन्द्र महतो, रामाशीष मंडल, राजेन्द्र कामत, प्रीतम यादव आदि लोग मौजूद थे।




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