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NDA का सीट बंटवारा - बेनीपट्टी सीट BJP तो हरलाखी JDU के हिस्से में जाने के पूर्ण आसार


एनडीए में सीट बंटवारे को लेकर हो रही मैराथन बैठकों के बीच बड़ी खबर सामने आई है. एनडीए में अब तक जिन सीटों पर फैसला लिया जा चुका है उनमें बेनीपट्टी और हरलाखी सीट भी शामिल है.  BNN को मिली जानकारी के अनुसार बेनीपट्टी सीट बीजेपी को दी गई है, वहीं हरलाखी सीट जदयू के खाते में गई है. रविवार दोपहर तक हुए निर्णय के अनुसार हरलाखी से वर्तमान विधायक सुधांशु शेखर जदयू के टिकट पर चुनावी मैदान में होंगे. सुधांशु शेखर ने हरलाखी सीट पर हुए उप चुनाव में रालोसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी. जिन्होंने बाद में जदयू का दामन थाम लिया था. अब तक के समीकरणों के अनुसार सुधांशु शेखर का मुकाबला महागठबंधन के घटक दल सीपीआई के उम्मीदवार राम नरेश पांडेय से होगा.

वहीं बेनीपट्टी सीट से बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर की उम्मीदवारी पर मुहर लगने की खबर है. घनश्याम ठाकुर इससे पहले भी बेनीपट्टी सीट से बतौर बीजेपी उम्मीदवार एक बार चुनाव लड़ चुके हैं. 2020 के चुनाव में  इस सीट से बिहार सरकार के PHED मंत्री व बेनीपट्टी के पूर्व विधायक विनोद नारायण झा का मजबूत दावा था. लेकिन BNN के सूत्र बताते हैं कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने विनोद नारायण झा को इस बार विधानसभा के मैदान में बतौर उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया है. विनोद नारायण झा का फिलहाल एमएलसी कार्यकाल बांकी है, जिसे वह पूरा करेंगे. वह चुनाव में स्टार कैम्पेनर की भूमिका में रह सकते हैं. 

बता दें कि इस सीट पर एनडीए के घटक दल बीजेपी के अलावे जदयू के कई दावेदार थे. जिनमें बीजेपी से विनोद नारायण झा, घनश्याम ठाकुर के अलावे खुशबु मिश्रा, रंधीर ठाकुर, मिथिलेश झा, वरुण सिंह वहीं जदयू से जटाशंकर झा, नीरज झा, प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, संजीव झा, कमलेश झा, डॉ अमरनाथ झा, विनोद शंकर झा, गुलाब साह, प्रदीप झा बासु सहित कई लोग टिकट की आस में थे. 

महागठबंधन के तरफ से यह सीट एक बार फिर से कांग्रेस के हिस्से में दी गई है. जहां वर्तमान विधायक भावना झा को कांग्रेस से उम्मीदवार बनाया गया है. अगर एनडीए में अब कोई खटपट नहीं होती है तो महागठबंधन बनाम एनडीए के मुकाबले में कांग्रेस की भावना झा के सामने बीजेपी के  घनश्याम ठाकुर होंगे.

दूसरी तरफ एनडीए में लोजपा के रहते बिस्फी विधानसभा सीट लोजपा के हिस्से में दिए जाने की बात थी. लेकिन चिराग पासवान के तल्ख़ तेवर को देखते हुए इस सीट पर अभी तक फैसला नहीं लिया जा सका है.

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