बेनीपट्टी(मधुबनी)। फर्जी शिक्षकों के वेतन भुगतान व फर्जी बहाली के मामले के जांच के लिए बने कमिटी गठन के एक माह बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं कि गयी है। जबकि स्थापना डीपीओ के द्वारा करीब एक माह पूर्व ही जांच अधिकारी के समक्ष मधवापुर के प्रखंड व पंचायत शिक्षकों के वेतन एडवाइस उपलब्ध करा दिए है। जांच अब तक किस स्तर तक पहुँचा है, फिलहाल ये बताने के लिए कोई तैयार नहीं है। जिससे अब ये स्पष्ट हो रहा है कि क्या वाकई में फर्जी शिक्षकों पर कोई कार्रवाई होगी, या फिर जांच को लंबी अवधि तक टाल कर लोगों के जेहन से भुलाने का प्रयास होगा। सूत्रों की माने तो मधवापुर में हुई फर्जी बहाली में विभागीय स्तर के साथ कथित सफेदपोशों को भी शामिल किया गया था। जिसके प्रभाव में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सूत्रों ने दावा किया कि अगर इस खेल में राजनीतिक रसूखदार व्यक्ति संलिप्त नहीं होते तो अब तक कई फर्जी शिक्षक कानून के दायरे में होते। बता दे कि मधवापुर में हुई फर्जी बहाली व फर्जी शिक्षकों को वेतन भुगतान की जानकारी विभागीय अधिकारी के साथ हर किसी को है। विभाग के डीपीओ ने इस संबंध में मधवापुर के बीइओ को स्पष्टीकरण तक पूछ दिया। उक्त स्पष्टीकरण सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर बड़ी तेजी वायरल भी हुआ। इसी क्रम में सोनई के रवि झा ने आत्मदाह की घोषणा कर प्रशासन को सकते में ला दिया । जिसके बाद जिलाधिकारी ने बेनीपट्टी एसडीएम के अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। जिसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी व बेनीपट्टी के एसडीपीओ को शामिल किया। उधर, मधवापुर से मिली जानकारी के अनुसार फर्जी शिक्षक जांच के हलचल शांत होते ही बेखौफ होकर कार्य कर रहे है। कुछ फर्जी शिक्षक जहां स्कूल में नजर आ रहे है तो कुछ रसूखदार शिक्षक फर्जी तरीके से सात माह का वेतन भुगतान प्राप्त कर घर में मौज कर रहे है।


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