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25 Jan 2019

समायोजन के नाम पर होती रही मधवापुर में फर्जी शिक्षकों की बहाली

बेनीपट्टी(मधुबनी)। मधवापुर में हुई फर्जी शिक्षक बहाली में भारी पैमाने पर अनियमितता की गयी है। शिक्षा विभाग के तमाम नियम को ताक पर रख कर अधिकारियों ने शिक्षकों की फर्जी बहाली कर शिक्षा माफियाओं के बल पर फर्जी शिक्षकों को सात माह का वेतन भुगतान भी करा दिया। वेतन भुगतान के दौरान देरी होने पर राजनीति भी खुब चरम पर की गयी। सूत्रों ने बताया कि एडवाईस भेजने के बाद वेतन भुगतान के लिए संगठन के द्वारा दवाब बनाया जाता था। जिससे जांच किए बिना ही शिक्षकों को वेतन भुगतान हो जाता था। हालांकि, स्थानीय स्तर पर फर्जी बहाली की विरोध भी किया गया, लेकिन, अवैध कमाई के आड़ में विरोध के स्वर को दबा दिया जाता रहा। फलस्वरुप, मामला लगातार लटकता ही रह गया। स्थानीय स्तर पर आवेदन दिए जाने के बाद भी काररवाई नहीं होने पर कुछ स्थानीय लोगों ने इस फर्जी बहाली के मामले की जांच के लिए आन्दोलन शुरु कर दिया। बताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर फर्जी बहाली की पूरी प्रक्रिया किए जाने के बाद समायोजन के नाम पर फर्जी शिक्षकों को पूर्व से सेटिंग कराए गए स्कूल में योगदान दिलाया गया। सूत्रों ने बताया कि फर्जी शिक्षक मनचाहे स्कूल के प्रभारी से पूर्व से ही सेटिंग कर लेते थे, फिर, समायोजन का पत्र जारी किया जाता था।
               एक सौ अठारह शिक्षकों की हुई फर्जी बहाली
मधवापुर में अधिकारी के मिलीभगत से भारी पैमाने पर शिक्षकों की फर्जी बहाली की गयी। इस दौरान न तो नियोजन के नियम का पालन किया गया, न ही रिक्त को देखा गया है। शिक्षकों ने बताया कि इन शिक्षकों का कोई भी कागजात अथवा कोई भी आवेदन विभाग के पास नहीं है, फिर कैसे इनलोगों को वेतन भुगतान कराया गया। आन्दोलनकारियों की माने तो सारे नियम को ताक पर रखकर शिक्षा माफियाओं के मिलीभगत से मधवापुर में करीब एक सौ अठारह शिक्षकों की फर्जी बहाली की गयी है। फर्जी बहाली में करोड़ों के लेनदेन की गयी है।
                फर्जी शिक्षकों की सूची में कई चौंकाने वाले नाम
आन्दोलनकारियों के द्वारा जारी किए गए फर्जी शिक्षकों की सूची में काफी चौंकाने वाले भी नाम शामिल है। जांच टीम के गठन होने के कारण उक्त नाम का खुलासा फिलहाल नहीं किया जा रहा है,लेकिन उक्त सूची में अधिकारी ने सब पर मेहरबानी की है। कुछ सफेदपोश लोगों के रिश्तेदारों को भी बहाली में शामिल किया गया है। आन्दोलन कर रहे लोगों ने बताया कि फर्जी शिक्षक बहाली के कारण स्कूलों का शैक्षणिक माहौल जहां बर्बाद हो गया है, वहीं वैध शिक्षक इसके कारण अकारण कोपभाजन का शिकार हो रहे है।

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