बेनीपट्टी(मधुबनी)। मधवापुर में हुए शिक्षकों की फर्जी बहाली मामले में विभाग बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। डीपीओ स्थापना के अनुसार बीइओ ने स्पष्टीकरण लेने से इंकार कर दिया । जिसके बाद स्मार पत्र भेज दिया गया है। बावजूद, तर्कसंगत जवाब नहीं मिलने पर प्रपत्र(क) गठित कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। उधर, सूत्रों ने बताया कि इस फर्जी बहाली शिक्षकों पर भी विभाग कार्रवाई के मूड में है। विभाग इस किचकिच से परेशान हो गयी है। इस बदनुमा दाग को धोने के लिए अब पूरी तरह कार्रवाई के मूड में है। उधर, आंदोलनकारी शिक्षक फर्जी बहाली के मामले में जांच टीम के रिपोर्ट किये जाने का इंतजार कर रहा है। हालांकि, आरटीआई एक्टिविस्ट विश्वनाथ सहनी, रवि कुमार झा, कामोद कुमार मिश्र सहित कई लोगों ने बताया कि फर्जी बहाली से अब कोई इनकार नहीं कर सकता है। जब निर्धारित शिक्षकों से अधिक का वेतन भुगतान कराया गया है। इससे स्पष्ट है कि उनलोगों का आरोप पूरी तरह सही है। उनलोगों ने बताया कि मधवापुर में शिक्षा माफिया व अधिकारी के मिलीभगत से करीब 118 लोगों को फर्जी शिक्षक में बहाली की है। उन्होंने बताया कि एक तय समय के अंदर जांच नहीं हुई तो पूरे सबूत के साथ कोर्ट के शरण में जाएंगे । बता दे कि मधवापुर प्रखंड में शिक्षा माफिया , अधिकारी व कर्मियों के मिलीभगत से भारी पैमाने पर अवैध रूप से फर्जी शिक्षक बहाली की गई है। हैरत है कि इस तिकड़ी के विशेष मेहरबानियों से उक्त अवैध शिक्षकों को करीब सात महीने का भुगतान भी करा दिया गया। डीपीओ स्थापना की माने तो मधवापुर बीइओ ने विभाग को लगातार गुमराह किया है। एडवाइस में भारी अनियमितता कर वेतन भुगतान करा दिया गया। उधर छात्र संगठन एमएसयू ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए व्यापक पैमाने पर जांच की आवश्यकता जताई है। एमएसयू के विकास झा ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। इसमें कई अधिकारियों की संलिप्तता हो सकती है। संगठन जल्द ही इस मामले में कागजात के साथ शिक्षा मंत्री व विभाग के प्रधान सचिव से मिलकर जांच के लिए ज्ञापन देगी।


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