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बसैठ हाईस्कूल के जीर्णोद्धार के लिए एमएसयू ने किया भिक्षाटन

बेनीपट्टी(मधुबनी)। बसैठ के सीता मुरलीधर उच्च विद्यालय का जीर्णोद्धार कराने की मांग अनसुना होने के बाद अब छात्र संगठन एमएसयू ने भिक्षाटन शुरु कर दिया है। भिक्षाटन से मिले रुपये से स्कूल के कमरों का मरम्मती कराया जाएगा। बुधवार की रात में यूनियन के कुछ कार्यकर्ताओं ने बसैठ हाई स्कूल मैदान में बैठक की और निर्णय लिया की छात्रों के शिक्षा व्यवस्था के हित में भीख मांगकर जर्जर कमरों की मरम्मती कराएंगे। गुरुवार की सुबह दर्जनों की संख्या में यूनियन के कार्यकर्ता और छात्र जुट गए, और इलाके के दुकानों और आस पास के घरों में गमछा फैलाकर भीख मांगने पंहुच गए। इस दौरान यूनियन के प्रखंड सचिव राजा चौधरी ने कहा की विगत कई दशक से दिनों-दिन इस विद्यालय की हालत दयनीय होती गई, नेताओं से लेकर प्रशासन तक गुहार लगाया गया लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। मिथिला स्टूडेंट यूनियन भी अपने माध्यम से प्रयास करती रही है लेकिन जनप्रतिनिधियों और अफसरों के द्वारा भवन निर्माण की प्रकिया को जटिल बताकर हर बार सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया जाता रहा । भिक्षाटन का नेतृत्व  कर रहे यूनियन के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अविनाश भारद्वाज ने बताया की जब बसैठ हाई स्कूल की समस्या की जानकारी मिली और यहां पहुंच कर लोगों से जानना चाहा तो यहां के लोग नेताओं और प्रशासन से मायूस दिखे। यहां के लोग  जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा-लगाकर उम्मीद हार चुके हैं। यूनियन के प्रखंड अध्यक्ष आशीष झा चुन्नू ने बताया की अब तक 50 बांस, कुछ बालू, गिट्टी, सीमेंट और गमछा बिछाकर मांगे गए भीख में 3000 रूपये जमा हुए हैं। रविवार से क्षतिग्रस्त कमरों की मरम्मती के लिए काम शुरू कर दिया जायेगा। आवश्यकता पड़ी तो हम लोग आस-पास के सभी गांवों में भीख मांगने जायेंगे। बता दें की 1951 ई. में स्थापित सीता मुरलीधर उच्च विद्यालय को वर्षों पूर्व प्लस टू का दर्जा मिल चुका है। प्लस टू के भवन निर्माण के लिए राशि आवंटित की गई। लेकिन, स्थानीय राजनीति खिंचतान के चक्कर में विद्यालय प्रभारी ने रुपये वापस विभाग को कर दिए। विद्यालय के पूर्व के बने एक दर्जन कमरे क्षतिग्रस्त व जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुकी है।

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