स्टॉफ व शिक्षक के अभाव में खंडर बन रहा जरैल का उच्च माध्यमिक स्कूल - BNN News

Latest

28 Mar 2018

स्टॉफ व शिक्षक के अभाव में खंडर बन रहा जरैल का उच्च माध्यमिक स्कूल

बेनीपट्टी(मधुबनी)। शिक्षा विभाग ने बेनीपट्टी के जरैल गांव में उच्च शिक्षा छात्रों को प्रदान करने के लिए करोड़ों की राशि से भवन का निर्माण कर इस कदर भूल गया, कि अब तक उच्च विद्यालय में न तो शिक्षक की बहाली ही कर सका, न ही कोई स्टॉफ की तैनाती कर सका। आलम ये है कि गांव में उच्च विद्यालय होते हुए भी छात्र मध्य विद्यालय में तैनात शिक्षकों से माध्यमिक शिक्षा ग्रहण कर रहे है। स्थिति बिलकुल असहज होने के कारण गांव के अधिकांश छात्र दूसरे हाईस्कूल का रुख कर रहे है। फिलवक्त जरैल के हाईस्कूल में करीब एक सौ छात्रों के नामांकन होने की जानकारी है। छात्रों की शिकायत है कि मध्य विद्यालय के शिक्षक अपने विद्यालय के छात्रों को पढ़ाने में व्यस्त रहते है। उनलोगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं परीक्षा के समय ही प्रतीत होता है कि वो लोग जरैल उच्च विद्यालय के छात्र है। गौरतलब है कि बेनीपट्टी प्रखंड के परसौना पंचायत के जरैल गांव में उच्च शिक्षा का अलख जगाने के लिए बिहार सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने गत 13 फरवरी 2014 को पटना से एक साथ कई हाईस्कूलों के भवन निर्माण की आधारशीला रखी थी। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम के संबेदक ने तय समय में अत्याधुनिक तरीके से लैस विद्यालय भवन को एक वर्ष के अंदर ही निर्माण कर दिया। तय समय पर भवन निर्माण होने के बाद 16 जुलाई 2015 को एक बार फिर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उक्त स्कूल का विधिवत् उद्घाटन कर दिया। उद्घाटन होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आने के बजाए कुंभकर्णी निद्रा में सो गयी। हाईस्कूल के निर्माण होने के बाद विभाग ने जरैल उच्च विद्यालय के लिए एक भी शिक्षक तो दूर एक भी कर्मचारी तक प्रतिनियुक्त नहीं किया। स्थानीय स्तर पर काफी प्रयास होने के बाद भी शिक्षक व स्टॉफ की कमी दूर नहीं होने के बाद विभागीय आदेश पर हाईस्कूल के छात्रों का नामांकन बगल के मध्य विद्यालय में होने लगी। तब से अब स्थिति नहीं सुधर पायी है। जानकारी दें कि तीन वर्ष पूर्व भवन निर्माण होने एवं उक्त भवन की उपयोगिता नहीं होने से गांव के असमाजिक तत्वों ने स्कूल के खिड़की में लगे शीशा को पूर्णरुप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं बिजली की वायरिंग तार को बर्बाद कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग ने गांव के छात्रों के साथ अन्याय किया है। वहीं मध्य विद्यालय के प्रभारी एचएम सुभाष साफी ने बताया कि हाईस्कूल के छात्रों का नामांकन कम ही होता है। जो छात्र स्कूल आते है। भरसक शिक्षा देने का प्रयास किया जाता है।

No comments:

Post a Comment

फेसबुक पर रेगुलर न्यूज़ अपडेट्स पाने के लिए पेज Like करें व अधिक से अधिक शेयर करें