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दहेज के लिए अड़े दूल्हें को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

बेनीपट्टी (मधुबनी)। बेनीपट्टी के रजौन गांव के समीप तरियानी पंचायत की एक साहसी लड़की ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दहेज लोभी लड़का से शादी करने से इंकार कर पूरे समाज में मिसाल पेश कर दी। लड़की ने दरभंगा से आये दूल्हें से शादी करने से इंकार कर दिया, फिर क्या था। ग्रामीणों ने बाराती  के साथ दूल्हें व दूल्हें के पिता को आंगनबाड़ी केन्द्र में बंद कर बंधक बना लिया। मामला कमतौल थाना के तरियानी गांव का है। मिली जानकारी के अनुसार दरभंगा के सारा मोहनपुर गांव के मो. रफी के पुत्र मो. मिस्टर की शादी तरियानी गांव में तय कर दी गई थी। विवाह तय होने के बाद दूल्हें पक्ष के लोगों का दहेज के प्रति लोभ बढ़ गया। पहले तो दूल्हें पक्ष के लोगों ने बेहतर पलंग, फर्नीचर, तोशक, गद्दा, वाशिंग मशीन, स्कूटी की मांग की। लड़की के पिता ने उक्त मांग के लिए अपना कीमती जमीन को बेच दिया। तब जाकर दूल्हें के पिता का मनोबल ओर बढ़ गया। दूल्हें के पिता ने फिर कीमती एलसीडी की मांग की। जिसकी जानकारी होने पर लड़की काफी दुखी हो गयी। लड़की का कर्ज माथे पर लेकर घूम रहे पिता ने लड़के की चाहत को पुनः पुरी कर दी। इसी बीच सामान दरभंगा पहुंचाने गये वाहन चालक को जानकारी मिली की दूल्हें की शादी पहले भी हो चुकी है। बस, पूरा मामला ही बिगड़ गया। विवाह के तय दिन दूल्हें राजा शादी करने के लिए करीब चार दर्जन बाराती के साथ बैंड-बाजा लेकर तरियानी पहुंच गये। इसी बीच लड़की ने शादी करने से इंकार कर दिया। दहेज लोभी के चालबाजी को देख आक्रोशित ग्रामीणों ने दूल्हें सहित बाराती को बंधक बना लिया। चौबीस घंटे तक बंधक बनने के बाद पाली पंचायत के सरपंच नवोनारायण झा, पूर्व सरपंच पति रत्नेश्वर मिश्रा, सारा मोहनपुर के मुखिया मुन्नी खातुन व उप सरपंच अशोक कुमार यादव ने पहल करते हुए दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया। रत्नेश्वर मिश्रा ने बताया कि आपसी समझौता कर मामले का खत्म करा दिया गया है। उधर, लड़की के साहसिक पहल की चहूंओर चर्चा की जा रही है। स्थानीय लोगों की माने तो लड़की ने समाज में मिसाल पेश कर दी है।

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