मधुबनी। जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी के सभागार में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देश के प्रथम राष्ट्रपति ,देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद जी का 138 वां जयन्ती जिलाध्यक्ष प्रो शीतलाम्बर झा के अध्यक्षता में सादगी से मनाई गई।

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सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर कांग्रेसजनों ने पुष्पांजलि अर्पित श्रदासुमन निवेदित किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रो झा ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की डॉ राजेन्द्र प्रसाद सादगी के प्रतिमूर्ति थे वे सादाजीवन उच्च विचार के धनी थे। 


वे ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश को ज्यादा पसंद करते थे आजादी आंदोलन में हमेशा बढ़चढ़ कर भाग लिए और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दो बार अध्यक्ष बने , स्वतंत्रता के बाद वे संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष बने और संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ,स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने और बारह वर्षों तक इस पद को सुशोभित किए।

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उससे पहले वे शिक्षण का काम किए और फिर वकालत भी किए आजादी आंदोलन में ज्यादा व्यस्त रहने के कारण वे ये काम छोड़ दिए और आंदोलन को गति देने के कारण उन्हें अंग्रेजों ने कई बार यातनाएं दी ,देश मे शिक्षा के अलख जगाने का काम उन्होंने बखूबी निभाए और राष्ट्रपति पद रहते हुए वे सिर्फ आधा तनख्वाह ही लेते थे पद छोड़ने के बाद वे पटना के सदाकत आश्रम में रहने लगे और लम्बी बीमारी के कारण उनका देहांत भी पटना में ही हुआ।

कार्यक्रम में ज्योतिरमन झा बाबा, मो अकील अंजुम,विदेश चौधरी, मुकेश कुमार झा पप्पू, राजीव शेखर झा, अमर ठाकुर,बिनय झा, ऋषिदेव सिंह, आलोक कुमार झा, राजकमल सिंह, धनेश्वर ठाकुर, मो अबुबकर, सीतेश पासवान, शंभु नाथ झा, ओम प्रकाश, मुरलीधर झा,महेश चौधरी,अविनाश झा आदि थे।


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