Ticker

6/recent/ticker-posts

फर्जी निकासी का मामला दर्ज कर पुलिस ने की जांच शुरु

बेनीपट्टी(मधुबनी)। बेनीपट्टी पंचायत के सात निश्चय योजना की राशि फर्जी तरीके से निकासी मामले में रविवार की देर रात प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी । प्राथमिकी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गौतम आनंद ने कराई है। प्राथमिकी में 79 लाख की फर्जी निकासी करने के आरोप में मुखिया पति गनौर सदाय, मुखिया विमल देवी, पंचायत सचिव शिवनारायण यादव, रामबाबू यादव व बैंककर्मी के खिलाफ दर्ज कराई गयी है। इधर पुलिस ने फर्जी निकासी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। पुलिस मामले की जांच से पूर्व निकासी से संबंधित हर कागजात को जब्त कर मामले की जांच हर विधि से करेगी। सूत्रों की बातों पर भरोसा करें तो पुलिस हस्ताक्षर के मिलान के लिए विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजकर रिपोर्ट लेगी। क्योंकि चेक पर हुए हस्ताक्षर से एक ओर जहां मुखिया विमल देवी इंकार कर रही है तो वहीं दूसरी ओर पंचायत सचिव भी हस्ताक्षर को फर्जी बता रहे है। ऐसे में पुलिस के पास एफएसएल से रिपोर्ट लेने के अलावे कोई रास्ता नहीं है। पूरे मामले को गौर से देखे तो इस निकासी में बैंककर्मियों की खास भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिसकी रिपोर्ट बीडीओ ने जांच के दौरान की है। जानकारों की माने तो एक दिन में बिना अनुमति के 25 लाख की राशि दूसरे खाते पर ट्रांसफर करने समेत पूरे निकासी में बैंक के कर्मियों की संलिप्तता नजर आ रही है। अधिकारियों की माने तो चेक संख्या-724091 के माध्यम से 25 लाख की निकासी की गयी है। जो पूर्णरुप से संदेह पैदा कर रही है। गौरतलब है कि गत आठ फरवरी को बेनीपट्टी के पंचायत सचिव शिवनारायण यादव सात निश्चय योजना का खाता अद्यतन कराने के बाद उक्त फर्जीवाडा का खुलासा किया था। उक्त फर्जीवाड़ा की जानकारी आम होते ही पूरे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। एसडीएम मुकेश रंजन ने घटना की पुष्टि होते ही जिलाधिकारी को जानकारी दी। उधर डीएम के निर्देश पर बीडीओ डा. अभय कुमार ने अगले दिन बैंक पहुंच कर पूरे मामले की जानकारी मांगी। इस दौरान बैंककर्मी जांच में बीडीओ को किसी प्रकार का सहयोग नहीं कर रहे थे। बैंककर्मी इस कदर जांच से घबरा रहे थे कि मीडिया के द्वारा पूछे गये सवालों पर भी भड़क रहे थे। उधर प्राथमिकी आरोपी होने के बाद भी मुखिया व पंचायत सचिव ने चेक पर हुए हस्ताक्षर से इंकार किया है। सारा दोष बैंककर्मी व रामबाबू यादव पर जड़ दिया। अब देखना है कि पुलिस इस कथित सृजन की गुत्थी को कब तक सुलझा लेगी। कांड के अनुसंधानकर्ता सह एसएचओ हरेराम साह ने सोमवार को बैंक पहुंच कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी बैंक प्रबंधक से लेकर तत्काल रामबाबू यादव समेत अन्य आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया है। एसएचओ ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने बताया कि पुलिस प्रारंभिक चरण से मामले की जांच कर रही है। एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर ठोस कार्रवाई करेगी।

Post a Comment

0 Comments