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विद्यापति व कालिदास की धरती पर पैदा होना सौभाग्य : विधायक

बेनीपट्टी (मधुबनी)। बेनीपट्टी मिथिलाचंल की हृदयस्थली है। ये गौरव और मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि बेनीपट्टी में जन्मस्थली है।अब ये मेरा कर्मस्थली भी है।मैं काफी सौभाग्यशाली हूं कि जिस धरती पर बाबा विद्यापति, कालिदास एवं कितने विभूतियों ने इस धरती को अलंकृत किया, उस माटी की सेवा करने का कार्य जनता ने मुझे सौंपा है। मिथिला की माटी व पानी हमेशा से ही पूजनीय रहा है।जिस माटी के लाल बाबा विद्यापति की सेवा करने के लिए स्वयं महादेव प्रकट हो गये, ओर उगना के रुप में बाबा विद्यापति की सेवा की, उस धरती एवं बाबा विद्यापति के भक्ति रस की जितनी भी प्रसंशा की जायें कम होगी। ये बातें बेनीपट्टी में आयोजित मिथिलाचंल सर्वांगीण संस्थान की ओर से आयोजित 33वां विद्यापति समारोह के संयुक्त उद्घाटन के मौके पर विधायक भावना झा अन्नू ने कही। वहीं विधान पार्षद सुमन कुमार महासेठ ने कहा कि मिथिला की संस्कृति व संस्कार हमें विरासत में मिली है। जिसे सहेजने की आवश्यकता है। श्री महासेठ ने कहा कि बाबा विद्यापति एवं कालिदास ऐसे महान विभूति थे कि उनके भक्ति भाव के कारण देवताओं को भी मिथिला की इस धरती पर प्रकट होना पड़ा है। मिथिला की बेटी माता जानकी ने भारतीय नारी की आदर्श पेश की, वो भी मिथिला की थी। श्री महासेठ ने कहा कि यहां विभूति हर जाति-धर्म में हुए है।इसलिए समाज को भी जाति-पात के बंधन से उपर उठकर सोचने की आवश्यकता है।वहीं पूर्व विधायक रामाशीष यादव से अपने संक्षिप्त संबोधन में हर मैथिली युवाओं से अपने संस्कृति की रक्षा करने के लिए आगे आने का आह्वान किया। कहा, मिथिला एवं मैथिली की अपनी एक सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे रक्षा करने की आवश्यकता है।समाजसेवी ई नवीन चन्द्र झा ने सभी मिथिला विभूतियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज के युवाओं को इन विभूतियों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। श्री झा ने कहा कि पूरे दुनियां में मिथिलाचंल की जो विरासत में मिली संस्कृति व संस्कार है, कहीं नहीं है।इसका अनुशरण अन्य प्रांत के लोग करते है।इस संस्कृति पर हमलोगों को गर्व होनी चाहिए। विद्यापति समारोह के अंतिम सत्र की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष अमरनाथ झा उर्फ भोलन ने किया।वहीं संचालन अखिलेश कुमार झा ने किया।इससे पूर्व उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने बाबा विद्यापति के मूर्ति पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया। आयोजक मंडली की ओर से सभी गणमान्य लोगों को मैथिली के रीति-रिवाज के अनुसार पाग-दोपट्टा व फूल माला देकर सम्मानित किया। मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शीतलांबर झा, जदयू नेता धर्मेंद्र साह, लोजपा के बचनू मंडल, रौशन मिश्रा, मुनीन्द्र कुजात गांधी, पवन भारती, संतोष झा कन्हैया, प्रो. लंबोदर झा, अवधेश सिंह, मिहीर झा, प्रदीप कुमार झा बासू, हरिनाथ झा, राजीव झा, अशोक चन्द्र झा, रंधीर झा, विदेश्वरनाथ झा विकास, रंधीर ठाकुर, शत्रुध्न झा, विवेकानंद झा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।वहीं मैथिली गायक माधव राय , जूली झा, पवन नारायण झा, पूजा मिश्रा, दीया चौधरी, सत्येन्द्र झा, अशोक चंचल के द्वारा देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।

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