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कमरों के अभाव में पेड़ के नीचे पढ़ते है छात्र

बेनीपट्टी (मधुबनी)। शिक्षा विभाग में व्याप्त गड़बड़ी थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। कई स्कूल आज भी संसाधन के अभाव में बाहरों में चलाया जा रहा है। प्रखंड के छोलकाढ़ा वाटरवेज बांध के किनारे संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संसाधन के अभाव से जूझ रहा है। स्कूल के भवन निर्माण में अनियमितता एवं नये कमरों के लिए राशि आवंटित नहीं होने के कारण स्कूल में नामांकित बच्चें पेंड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को विवश है। स्कूल के शौचालय को असमाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। जिससे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किचेन शेड की राशि आवंटित होने के बाद भी किचेन शेड का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। ग्रामीणों की माने तो स्कूल का भोजन बाहर ही पकाया जाता है। स्कूल के दो कमरें है, एक में वर्ग का संचालन तो दूसरे में कार्यालय एवं मिड डे मील का सामान रखने के काम आता है। स्कूल बांध किनारे होने से स्कूल की घेराबंदी भी नहीं हो पायी है। गौरतलब है कि छोलकाढ़ा के प्राथमिक विद्यालय में फिलहाल एक सौ छह बच्चें नामांकित है। जिन्हें पढ़ाने के लिए प्रभारी सहित तीन शिक्षक प्रतिनियुक्त किये गये है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में नियमित मिड डे मील नहीं पकाया जाता है।सूत्रों की माने तो करीब एक वर्ष पूर्व प्रभारी बीईओ ने उक्त स्कूल का निरीक्षण किया था, तब से आज तक निरीक्षण नहीं किये जाने के कारण स्कूल का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है। विकास मद की राशि आंवटित होने के बाद भी वर्षों से स्कूल की रंगाई-पुताई तक नहीं की जा रही है।जानकारों की माने तो राशि को कागजों पर ही उपयोग कर लिया जाता है। इस संबंध में पूछे जाने पर विद्यालय प्रभारी अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्षों पूर्व स्कूल के लिए तीन अन्य कमरों का निर्माण कराया गया था। निर्माण के समय में अनियमितता की जाने के कारण भवन का निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया। बच्चों को संसाधन के अभाव के बाद भी बेहतर ढंग से पढ़ाया जाता है।

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