बेनीपट्टी(मधुबनी)। प्रखंड के धकजरी मध्य विद्यालय परिसर में रविवार को किसान महासभा की ओर से सम्मेलन का आयोजन किया गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता धु्रव नारायण कर्ण ने कहा कि बाढ़ ने पूरे जिले के किसानों के फसलों को बर्बाद कर दिया।केंद्र की मोदी सरकार कॉरपोरेट घरानों को मदद करने में लगी हुई है, जबकि हर साल किसान कर्ज के कारण आत्महत्या कर रहे है। श्री कर्ण ने कहा कि मधुबनी के लोहट, सकरी का चीनी मिल बंद है।पंडौल का सूता मिल बंद है।रैयाम चीनी मिल को बेच दिया गया।जबकि बंद पड़े मिलों को चालू कराने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।उन्होंने कहा कि बिहार का उत्तर बिहार बाढ़-सुखाड़ से हमेशा से त्रस्त रहा है, परंतु न तो केंद्र न ही राज्य सरकार इस समस्या से किसानों को निजात दिलाने का प्रयास कर रही है।जबकि बाढ़ के निदान के लिए हाईडैम का निर्माण होना अतिआवश्यक है।हाईडैम के निर्माण से बाढ़-सुखाड़ के साथ बिजली की समस्या से भी निजात मिल सकता है।वहीं किसान महासभा के नेताओं ने जिले में आयी बाढ़ में राहत को नाकाफी बताते हुए प्रत्येक बाढ़ पीड़ित को पंद्रह सौ रुपये के साथ दो क्वींटल अनाज एवं प्रति एकड़ दस हजार रुपये देने की मांग की।सम्मेलन में नेताओं ने किसानों की समस्या को लेकर आगामी रणनीति बनाने का काम किया। सम्मेलन को किसान महासभा के जिला संयोजक प्रेम कुमार झा, अनिल कुमार सिंह, गोपाल यादव, मो. अकबर, मुरारी मित्रा, राम खेलावन पासवान सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।


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