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भवन के अभाव में कॉलेज में परीक्षा दे रहे स्कूली छात्र

बेनीपट्टी(मधुबनी)। शिक्षा विभाग के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कलई बसैठ के उच्च विद्यालय में खुल रही है।स्कूल भवन के अभाव में बच्चें एक ओर जहां स्कूल के बाहरी परिसर में भेड़-बकरी की तरह बैठकर परीक्षा दे रहे है तो वहीं दूसरी ओर कुछ बच्चें बगल के पीडीसीपी कॉलेज में बैठकर परीक्षा दे रहे है।बच्चों के बीच बैठने के तरीके से परीक्षा के कदाचार पर रोक नहीं लग पा रही है।वहीं स्कूल प्रबंधन इन सबसे पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है।गौरतलब है कि बेनीपट्टी के बसैठ स्थित सीता मुरलीधर उच्च विद्यालय का इतिहास स्वर्णिम होने के बाद भी स्कूल का भविष्य बेहतर नहीं हो पा रहा है।जबकि उक्त विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर कई उच्च ओहदों तक छात्र पहुंचे है।स्कूल के दुर्दशा का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है कि उक्त विद्यालय में नामांकित करीब 1200 बच्चों के लिए सिर्फ दो कमरें सुरक्षित स्थिति में है।स्कूल के करीब दस कमरें वर्षो से जर्जर अवस्था में है।जहां प्रशासनिक आदेश से बच्चों को नहीं बैठाया जाता है।ऐसे में दो कमरें सही होने पर अन्य दिनों में छात्र किस प्रकार बैठते होंगे, ये कहना सहज है।जानकारी के अनुसार सप्ताह में आधे दिन छात्र तो आधे दिन छात्राएं पढ़ने को आती है।विदित हो कि उक्त विद्यालय को करीब सात वर्ष पूर्व प्लस टू का दर्जा मिला।दर्जा मिलने के बाद विभाग से करीब 39 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए आंवटित किये गये।परंतु विभागीय लापरवाही एवं स्थानीय राजनीति के कारण उक्त राशि से भवन का निर्माण नहीं कराया जा सका।जिसका खामियाजा आज तक छात्र उठा रहे है।जिला परिषद् क्षेत्र संख्या-05 की जिप सदस्य खुशबू कुमारी ने बताया कि स्कूल के समस्याओं के संबंध में बीडीओ ने आश्वासन दिया था।स्कूल के सीमांकन की बात कहकर बीडीओ ने बात को टाल देने का काम किया।जिसके कारण आज तक स्कूल की समस्या यथावत स्थिति में है।वहीं दूसरी ओर छात्रों के बेहतर सुविधा के लिए प्रयासरत मिथिला स्टूडेंट यूनियन के पंचायत अध्यक्ष राजा चौधरी ने बताया कि स्कूल की स्थिति काफी खराब है।एमएसयू जल्द ही इस समस्याओं को लेकर आन्दोलन करेगी।वहीं इस संबंध में विद्यालय प्रभारी गजाला यास्मीन ने बताया कि स्कूल की मुलभूत समस्याओं के प्रति विभाग को कई बार अवगत कराया गया है।समस्या का निदान नहीं हो रहा है तो वे क्या कर सकती है।प्राप्त सुविधा के अनुसार बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जा रही है।




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