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लॉकडाउन के दौरान बेनीपट्टी प्रखंड अंतर्गत मेघवन पंचायत के नजरा गांव स्थित सरकारी स्कूल में बने क्वारंटाइन सेंटर पर रसोईया का काम करने वालों को अभी तक मेहनताना नहीं दिया गया है जिसके कारण संकट की घड़ी में प्रशासन के आदेशों का पालन करने वाले रसोईयों में आक्रोश है. मेहनताना से वंचित रसोइया नसीमा खातून, रेहाना खातून, शमीमा खातून, आजमाती खातून का कहना है कि कोरोना संकट के शुरूआती दिनों में जब प्रवासी लोग गांव लौट रहे थे ऐसे में सभी भय में थे, क्वारंटाइन सेंटर पर खाना बनाने के लिए कोई जल्दी तैयार नहीं था. वाबजूद हम लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर इस घड़ी का सामना किया. 

हाल में ही ईद के मौके पर सभी को 1000-1000 रुपया देकर बांकी रुपया जल्द देने का आश्वासन दिया गया. लेकिन अब तक इसके आलावे भुगतान को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है. रसोइयों के अनुसार बेनीपट्टी प्रखंड विकास पदाधिकारी के कहने पर 350 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 38 दिन काम लिया गया था. इसके बदले में अभी तक मात्र 1000 रुपया दिया गया है, जिसके कारण कोरोना संकट की घड़ी में इन रसोइयों के साथ भी काफी समस्या आ गई है.


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