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ओलावृष्टि से किसानों को हुई भारी तबाही, आम व गेंहू की क्षति

बेनीपट्टी(मधुबनी)। शुक्रवार की रात करीब दस बजे आसमान से आफत टूट पड़ा। तेज आंधी के साथ जमकर आसमान से ओलावृष्टि हुई। करीब आधा किलो से लेकर एक किलो वजन के पत्थर आसमान से नीचे गिरे। ओलावृष्टि से कुछ ही देर में पूरा मैदान से लेकर घर के छत पट गया। हर ओर सिर्फ ओले ही दिखाई दे रहे थे। भारी ओलावृष्टि के कारण बेनीपट्टी प्रखं डमें करोड़ों का नुकसान की संभावना है। किसान के खेत में लगे गेंहू व आम के साथ हजारों एस्बेस्टस का छत क्षतिग्रस्त होकर बर्बाद हो गया। ओलावृष्टि के बाद हुई तेज बारिश से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एस्बेस्टस का छत बर्बाद होने के कारण लोगों को बारिश के बीच पॉलीथीन टांग कर रात गुजारना पड़ा। ओलावृष्टि से कई लोगों के मामूली जख्मी होने की सूचना है। वहीं घर के बाहर लगे दर्जनों छोटी-बड़ी वाहनों के शीशे टूट गए है। वहीं तेज आंधी में सरिसब के पंप के समीप एक विशाल वृक्ष के सड़क पर गिर जाने से आवाजाही सुबह तक प्रभावित रही। आवश्यक वाहनों को आवाजाही में समस्याएं हुई। वहीं कई जगहों पर बिजली का तार टूट जाने से मुख्यालय सहित सुदूर ग्रामीण इलाकों से बिजली गायब रही। हालांकि, बिजली कर्मी सुबह के ग्यारह बजे मुख्यालय की आपूर्ति शुरु कर दी। जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिली। आम उत्पादक किसानों ने बताया कि मंजर के अनुसार अब आम बीस प्रतिशत भी सुरक्षित नहीं रहा। सभी बगीचों में ओला के कारण अधिकांश मंजर गिर गया है। परसौना के जरैल गांव के श्रीपति मिश्र, अरविंद झा, प्रमोद झा, राजदेव पाठक, दिनेश पासवान आदि ने बताया कि गेंहू की कटनी कर खेत में थ्रेसरिंग के लिए रखा था, जो ओला के कारण बर्बाद हो गया। वहीं खेत में पानी लग जाने से गेंहू सड़ने के कगार पर चला गया है। उधर बेनीपट्टी युवा कांग्रेस अध्यक्ष विजय कृष्ण झा, एमएसयू के शशि अजय झा, जेडीयू नेता विनोद शंकर झा आदि ने बिहार सरकार से तत्काल सर्वें करा कर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। एसडीएम मुकेश रंजन ने बताया कि ओलावृष्टि की जानकारी ली गई है। आपदा विभाग से संपर्क कर सारी जानकारी देकर यथासंभव सहयोग प्रदान की जाएगी।

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