बेनीपट्टी (मधुबनी) : अपने बेटे अविनाश को न्याय दिलाने की उम्मीद पाले अनशन पर बैठे पत्रकार सह आरटीआई कार्यकर्ता बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश के पिता दयानंद झा की तबियत अनशन के दूसरे दिन बिगड़ गई। मंगलवार की सुबह बेनीपट्टी पीएचसी के चिकित्सक डॉ. पीएन झा अपनी टीम के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे, जहां सभी अनशनकारियों की स्वास्थय जांच करने के बाद अविनाश के पिता दयानंद झा को पानी चढ़ाया जा रहा है।

पिता दयानंद झा की बिगड़ी तबियत को लेकर डॉ पीएन झा ने बताया कि अविनाश के पिताजी ने अविनाश की हत्या के बाद से ही पुत्र शोक में अन्न ग्रहण करना छोड़ दिया था, बीच में उन्होंने अन्न ग्रहण शुरू किया था लेकिन फिर से अनशन पर बैठने के कारण आज दूसरे दिन उनकी सेहत में गिरावट आई है। हमारी टीम लगातार सभी अनशनकारियों के स्वास्थ्य पर नजर बनाई हुई है।

इधर अविनाश के पिताजी के अलावे अनशन पर बैठे भाई त्रिलोक झा, जिला पार्षद प्रतिनिधि रंधीर झा, सामाजिक कार्यकर्ता आनंद ठाकुर उर्फ लालाजी की सेहत में हल्की गिरावट देखी गई है। मेडिकल टीम ने सभी की स्वास्थ्य जांच कर रिपोर्ट ली है।

वहीं अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे जिला पार्षद प्रतिनिधि रंधीर झा ने अनशन को लेकर कहा कि प्रशासन अगर समय रहते अविनाश के अपहरण होने के बाद से ही कार्रवाई कर रही होती तो आज परिजनों को अनशन पर बैठने की नौबत नहीं आती।

इधर परिवार व मीडिया के सवालों पर और सदन में विभागीय मंत्री कह रहे हैं कि इस मामले में अब तक 6 गिरफ्तारी व एक फर्जी अस्पताल के संचालक की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन इन गिरफ्तारियों के बावजूद भी पुलिस के पास जवाब नहीं है कि इन लोगों ने हत्याकांड में क्या भूमिका निभाई है।

वहीं दूसरे अनशनकारी आनंद ठाकुर उर्फ लालाजी ने कहा कि प्रशासन को वार्ता की पहल करने से पहले कार्रवाई करनी चाहिए, हमें कार्रवाई का आश्वासन नहीं बल्कि कार्रवाई होता हुआ दिखना चाहिए। अन्यथा लोकतांत्रिक तरीके से हम लोग परिजनों के साथ अनवरत अनशन पर डटे रहेंगे, भले हमारी जान भी क्यों न चली जाय।

दूसरी तरफ अनशन के समर्थन में पहुंचे निःवर्तमान जिला परिषद सदस्य खुशबू कुमारी ने अविनाश हत्याकांड व क्षेत्र में बढ़ते अपराध को लेकर प्रशासन व सरकार पर जमकर बरसीं। खुशबू कुमारी ने कहा कि आम लोग एक तरफ जहां निर्वाचित कर विधायक सांसदों को इस उम्मीद से सदन में भेजते हैं कि हमारे क्षेत्र में शांति सद्भाव व समग्र विकास हो। लेकिन सदन में जाते ही मौकापरस्त नेता क्षेत्र के लोगों को ही भूल जाते हैं। थाने से महज 400 मीटर की दूरी पर अविनाश का घर है, और इतनी ही दूरी से अविनाश का अपहरण कर लिया गया। घटना में 28 दिन होने के बाद भी प्रशासन में पास परिजनों में एक भी सवाल का जवाब नहीं है, इससे बड़ी प्रशासनिक लापरवाही क्या हो सकती है।

अनशन में दूसरे दिन समर्थन में रौशन मिश्रा, जिला परिषद सदस्य अलका झा, मुकेश झा, पंसस ऋषि झा, सत्यम कुमार, मो. हसनैन, संतोष झा, अमित ठाकुर, जितेंद्र राम, भगवान जी झा, संजीव मिश्रा, हैप्पी मिश्रा, अमित मिश्रा, दीपक महथा, अमरेंद्र कुमार, कृष्णनंद झा, बालाजी, सुमन राम, शम्भू महथा, संजीव मुखिया, चुन्नू झा, मुकेश कुमार झा, इन्द्रकांत झा, यशवंत मिश्रा, सोनू पाठक, निरंजन पासवान, राजीव यादव, विकिस, मुन्ना पाठक सहित कई लोग पहुंचे।


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