बेनीपट्टी(मधुबनी)। वर्ष-2021 धीरे-धीरे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चला है। कुछ क्षणों के बाद नए वर्ष के साये में चले जायेंगे। लेकिन, 2021 बेनीपट्टी के लिए काफी दर्द छोड़ गया। जिसकी टिस सदियों तक लोगों को सालती रहेगी। पूरे साल बेनीपट्टी में अपराधियों व असामाजिक तत्वों का बोलबाला रहा। जिसके कारण आमजन त्रस्त रहे। हालांकि, इस दौरान कई अन्य घटनाएं भी घटित हुई, लेकिन, बेनीपट्टी में दो ऐसे कांड हुए, जिससे बेनीपट्टी की छवि धूमिल हुई। लोगों का खाकी से विश्वास कम होता नजर आया। 

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भयावह रही खूनी होली

2021 के 29 मार्च को बेनीपट्टी शायद ही भूल सके। इस दिन अपराधियों ने बेनीपट्टी के महमदपुर में वो खौफनाक खूनी होली को अंजाम दिया, की, एक साथ कई महिलाएं विधवा हो गयी, बच्चे अनाथ हो गए, बूढ़े पिता के कंधे कमजोर हो गए। अपराधियों ने महमदपुर में एक ही परिवार के तीन लाल के साथ कुल पांच लोगों की हत्याएं कर दी। अपराधियों ने बॉर्डर पर देश की रक्षा करने वाले वीर राणा प्रताप सिंह, क्रिकेट से शौहरत हासिल कर चुके अमरेंद्र सिंह उसके बड़े भाई वीरेंद्र सिंह उर्फ वीरू ,रणविजय सिंह और महंथ रुद्रनारायण सिंह की हत्या कर दी। अपराधियों ने गांव में ऐसा तांडव मचा दिया कि घटना के कई दिनों बाद भी लोग सहमे नजर आए। जबकि, पूरा गांव पुलिस के सुरक्षा के साये में था। घटना में पुलिस के कार्यशैली पर पीड़ित परिवार के साथ आमजनों ने भी सवाल खड़े किए। पुलिस ने दर्जनों नामजदों को जेल भेज दिया। लेकिन, घटना के नौ माह के बाद भी कई आरोपित अभी भी कानून की गिरफ्त से कोसों दूर है।

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मेडिकल माफियाओं के चंगुल में दम तोड़ गया अविनाश

महमदपुर के नरसंहार को लोग भूलने का प्रयास ही कर रहे थे, की बेनीपट्टी के मेडिकल माफियाओं ने बेनीपट्टी के युवा पत्रकार अविनाश उर्फ बुद्धिनाथ का अपहरण कर हत्या कर दी। हत्यारों ने उसे थाना से महज दो सौ फीट की दूरी में उसका अपहरण कर लिया। जिसकी भनक उस पुलिस को भी नहीं लगी, जो संध्या से लेकर रात्रि गश्ती के दावे कर अपनी पीठ खुद थपथपाती है। गत नौ नवंबर रात करीब दस बजे कटैया रोड से अपहरण कर लिया और उसका शव 12 नवंबर को उड़ेन स्थित एसएच-52 के किनारे मिला।

शव मिलने से पूर्व बेनीपट्टी पुलिस सिर्फ इतना कहने की स्थिति में था, की बुद्धिनाथ का मोबाइल बेतौना में 10 नवंबर को ऑन हुआ। इसी से पुलिस की सजगता व जांच की गति को समझा जा सकता है। शव मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम में भेज संभावित आक्रोश को थामने का काम किया।

घटना में परिजनों ने बेनीपट्टी के सभी मेडिकल माफियाओं पर आरोप लगाए थे। चूंकि, बुद्धिनाथ करीब दो वर्षों से अनवरत फर्जी नर्सिंग होम के खिलाफ मुहिम चला रखा था। कई संस्थान पर जुर्माना भी लग चुका था। एफआईआर व शव मिलने के बाद हरकत में आई पुलिस ने घटना की मुख्य सूत्रधार (अब तक जांच अनुसार) अनुराग हेल्थ केयर में कार्यरत कथित नर्स पूर्णकला देवी को गिरफ्तार किया।

जिसके निशानदेही पर पुलिस ने ताबड़तोड़ पांच अन्य लड़को को गिरफ्तार कर पुलिस पर बढ़ रहे चौतरफा आक्रोश व विरोध को शांत करने का प्रयास किया। जबकि, परिजन कभी एसपी के बेतुका बयान तो कभी दोषियों के गिरफ्तारी में देरी को लेकर आंदोलन करते रहे।

हालांकि, अभी तक उक्त घटना को लेकर नौ लोगों की गिरफ्तारी पुलिस कर चुकी है। बावजूद, पुलिस पूरे मामले का उद्भेदन करने में नाकाम दिख रही है। कुल मिलाकर देखे तो 2021 का पूरा साल बेनीपट्टी के लिए कई जख्म देते जा रहा है।


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