बेनीपट्टी के पत्रकार सह आरटीआई एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा के अपहरण बाद हत्या को लेकर अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने संज्ञान लिया है।


प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन माननीय जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव व डीजीपी बिहार से अविनाश हत्याकांड को लेकर सभी बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट तलब किया है।


जानकारी ले लिए बता दें कि 9 नवम्बर को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाने से महज 400 मीटर की दूरी से पत्रकार सह आरटीआई एक्टिविस्ट बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश झा का अपहरण कर लिया गया।


9 नवम्बर को अविनाश अपने घर के पास से रात के 10 बजे करीब निकला था, जिसे अंतिम बार उसी रात 10.10 बजे थाने से 400 मीटर की दूरी पर देखा गया था। इसके बाद से वह गायब रहा, 10 नवम्बर को अविनाश की गुमशुदगी की जानकारी थाने को दी गई। 11 नवम्बर को अविनाश के मंझले भाई चंद्रशेखर झा ने थाने को आवेदन देकर 11 क्लीनिकों पर नामजद मुकदमा किया। जिसके अगले दिन 12 तारीख की शाम बेनीपट्टी थाने से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर अविनाश का शव उड़ेन गांव में मिला। जिसके बाद उसी रात उसके शव का पोस्टमार्टम हुआ, व 13 को उसका सिमरिया में अंतिम संस्कार हुआ।



*खेला होबे...*

अविनाश के गायब होने से 2 दिन पहले 7 नवम्बर को उसनें अपने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था, जिसमें करीब 8-9 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई होने वाली थी।


जिसमें उसनें कैप्शन दिया था.. खेला होबे...  Game Starts 15.11.2021



इस बीच 9 नवम्बर को अविनाश का किडनैप हो गया, 12 को उसकी लाश मिली।


15 तारीख को जिस संभावित खेला की बात उसनें बात की थी... वह नजर आया... आज 15 नवम्बर को अनन्या नर्सिंग होम व अनुराग हेल्थ केयर पर बुद्धिनाथ झा के आवेदन के आलोक में कार्रवाई हुई और दोनों पर मधुबनी के सिविल सर्जन ने 50-50 हज़ार का जुर्माना लगाया गया व अस्पताल बंद करने का आदेश जारी किया।


जानकारी ले लिए बता दें कि अनुराग हेल्थ केयर की नर्स पूर्णकला देवी अविनाश के अपहरण व हत्या मामले में गिरफ्तार है। पुलिस बयान के अनुसार पूर्णकला ने ही अविनाश को 9 तारीख को कॉल करके कटैया रोड बुलाया था। साथ ही बता दें कि बुद्धिनाथ के भाई ने उक्त दोनों अस्पताल पर एफआईआर भी दर्ज किया था।


पुलिस की जांच को लेकर चौतरफा सवाल उठ रहे हैं। अविनाश के हत्या के पीछे की असली वजह व हत्या की मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग परिजन कर रहे हैं। 


इस मामले में अब तक एक नर्स समेत 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। परिजनों ने इन गिरफ्तारियों पर कहा है कि इन लोगों को मोहरा बनाया गया है, इनके पीछे बड़े मेडिकल माफियाओं का हाथ है।


दरअसल अविनाश झा पिछले दो सालों से बेनीपट्टी के फर्जी नर्सिंग होम पर लगातार आरटीआई व परिवाद के माध्यम से कार्रवाई करवा रहा था। जिसके कारण फर्जी नर्सिंग होम संचालकों से उसकी दुश्मनी बढ़ती जा रही थी। अविनाश का एक फेसबुक लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें वह कई अस्पतालों की पोल खोल साक्ष्य दिखा कर करता हुआ नजर आ रहा है।


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